2019 चुनाव: क्रूड बढ़ाएगा मोदी सरकार की मुश्किलें, आम आदमी भी झेलेगा महंगाई की मार

Aug 31 2018 01:50 PM
2019 चुनाव: क्रूड बढ़ाएगा मोदी सरकार की मुश्किलें, आम आदमी भी झेलेगा महंगाई की मार

नई दिल्ली: वैश्विक बाजार में क्रूड की बढ़ती कीमतें भारत के लिए मुसीबतें खड़ी कर रही हैं. अगर रिपोर्ट्स की मानें तो अभी क्रूड के दाम काम होने के कोई आसार नज़र नहीं आ रहे हैं, ऐसे में रूपये की गिरावट भी भारत की अर्थव्यवस्था पर गहरा प्रभाव डाल सकती है. बताया जा रहा है कि इससे देश में महंगाई भी बढ़ेगी, जो 2019 लोकसभा चुनाव में मोदी सरकार के लिए परेशानी का सबब बन सकती है.

भारत अपनी जरूरतों का करीब 82 फीसदी क्रूड खरीदता है. ऐसे में क्रूड की कीमतें बढ़ने से देश का करंट अकाउंट डेफिसिट (CAD) बढ़ सकता है. विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ महीनों में रूपये के और गिरने की सम्भावना है, जिससे भारत के लिए क्रूड खरीदना और महंगा हो जाएगा. ऐसे में भारत की अर्थव्यवस्था को दोहरा झटका लगने की सम्भावना है.

इस साल क्रूड में आई जबरदस्त तेज़ी 
इस साल की शुरुआत में क्रूड 66.57 प्रति डॉलर बैरल के भाव था जो 28 अगस्त को 76 डॉलर प्रति बैरल का स्तर पार कर गया, इस तरह इस साल क्रूड की कीमतों में 14 फीसद का उछाल देखा गया था, वहीं अगर पिछले साल जून में इसकी कीमत 44 डॉलर प्रति बैरल था. वहीं बाजार के जानकारों का कहना है क्रूड 80 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकता है.

2018-19 में क्रूड खरीदना होगा और महंगा
क्रूड की बढ़ती कीमतों के कारण भारत को अपने क्रूड ऑयल इंपोर्ट बिल में बढ़ोतरी करनी होगी. 2017-18 में भारत ने 22.043 करोड़ टन क्रूड के इंपोर्ट पर 87.7 अरब डॉलर यानी 5.65 लाख करोड़ रुपए खर्च किए थे. वित्त वर्ष 2018-19 में 22.7 करोड़ क्रूड का इंपोर्ट किए जाने का अनुमान है, जिसपर 7.5 लाख करोड़ रुपये खर्च हो सकता है. मतलब भारत को क्रूड खरीदना लगभग 26 अरब डॉलर (1.82 लाख करोड़ रुपए महंगा पड़ सकता है. 

पेट्रोल-डीज़ल होगा महंगा, सरकार पर बनेगा दबाव


क्रूड की बढ़ती कीमतों का सीधा असर भारत की पेट्रोल-डीज़ल की कीमतों पर पड़ रहा है, वर्तमान में डीज़ल जहाँ अपने उच्चतम पर है, वहीं पेट्रोल की कीमत  85.60 रुपये तक पहुँच गई है, आगामी समय में क्रूड बढ़ने से भारत में ईंधनों के दाम में और बढ़ोतरी होगी, इस महंगाई का फायदा उठाकर विपक्ष, केंद्र सरकार को घेर सकता है, जिससे 2019 में मोदी सरकार की लोकप्रियता को झटका लग सकता है.

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