कोरोना संकट के बीच इस नेता ने दिया अनोखा बयान

महामारी कोरोना वायरस से लड़ने के लिए एक ओर वैक्‍सीन की खोज चल रही हैं, वहीं दूसरी ओर देश की अर्थव्‍यवस्‍था को फिर से पटरी पर लाने के प्रयास किए जा रहे हैं. इस दौरान कई क्षेत्र के विशेषज्ञ अपनी राय भी रख रहे हैं. इस बीच योगेंद्र यादव, हर्ष मंदर, रामचंद्र गुहा आदि की ओर से मौजूदा आर्थिक संकट से निपटने के लिए एक सात सूत्रीय कार्ययोजना तैयार की गई.

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इसमें एक बिंदु(7.1) यह था कि लोगों की नकदी, चल-अचल संपत्ति सरकार अपने कब्जे में ले ले. इस सुझाव की देशभर में काफी आलोचना हो रही है. अब रामचंद्र गुहा, योगेंद्र यादव और अन्य इस योजना को बदलने और सफाई देने को मजबूर हो गए हैं.

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आपकी जानकारी के लिए बता दे कि विरोध के बाद योगेंद्र यादव ने पिछली सात सूत्रीय कार्ययोजना में बदलाव करके एक नया बयान जारी किया है. इसमें संपत्ति के राष्ट्रीयकरण वाली बात को हटा दिया गया है. संशोधित बयान में ये कहा गया है कि राहत पैकेज के लिए संसाधनों के इंतज़ाम में टैक्स लगाने के अलावा दूसरे रास्ते भी खोजे जाएं. हालांकि, इसके साथ ही योगेंद्र यावद ने एक वीडियो मैसेज भी शेयर किया, जिससे लगता है कि उन्‍होंने सुझाव को बदल तो दिया है, लेकिन वो इससे पूरी तरह से सहमत नहीं हैं. 

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