देश में गौ मूत्र ले रहा है उद्योग की शक्ल

ठाणे : इन दिनों देश में गाय चर्चा में है. गाय पर राजनीति भी हो रही है और गौ मांस को लेकर विवाद भी, लेकिन लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत में गाय की वजह से एक नया उद्योग चल पड़ा है, जो तेजी के साथ बढ़ रहा है. ये उद्योग है गौमूत्र उद्योग. सबको पता है कि आयुर्वेद में गौमूत्र से गई गंभीर बीमारियों में चमत्कारिक परिणामों का जिक्र किया गया है. यही वजह है कि गौमूत्र की मांग बढ़ रही है और अब गौमूत्र की वजह से कई परिवारों को रोजगार मिल रहा है.

ऐसी ही एक जानकारी ठाणे जिले की मिली है. यहां के भायंदर इलाके में मौजूद केशव श्रुस्ति गौशाला में हर सुबह करीब चार बजे कर्मचारी अपने हाथों में बाल्टियां लेकर गायों के बाड़ों में जाते हैं. इनका उद्देश्य गाय के पहले मूत्र को जमा करना होता है. बाड़े में मौजूद करीब 250 गाय और उनके बछड़ों से करीब 200 लीटर गौमूत्र जमा हो जाता है. इसे पास ही की एक दूसरी यूनिट में लाया जाता है और वहां उसे बोतल में भरकर देशभर में भेजा जाता है. इसकी कीमत 20 रुपए से लेकर 80 रुपए प्रति बोतल होती है.

गौरतलब है कि वैदिक परंपरा के अनुसार गौमूत्र को औषधि के तौर पर इस्तेमाल किया जाता था. पिछले कुछ सालों में दुनियाभर में योग की और प्राकृतिक उपचारों का उपयोग बढ़ा है, तब से गौमूत्र की मांग में भी तेजी से वृद्धि आई है. गौमूत्र का इस्तेमाल कैंसर, मधुमेह, उच्च रक्त चाप और थाईराइड जैसी बीमारियों के लिए बनाई जाने वाली आर्युवेदिक दवाईयों में किया जाता है

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