क्या वाकई घरों में होने वाला है कोरोना का इलाज ?

मनुष्य के जीवन में हर महामारी परिवर्तन लाती है. कई बार यह राजनीतिक होता है तो कई बार सामाजिक. उद्योग-धंधों से काम करने के तरीकों तक महामारियों ने दुनिया में बहुत कुछ बदला है. कोरोना के संक्रमण काल में हम इससे लड़ने की योजनाएं बना रहे हैं, लेकिन भविष्य में होने वाले बदलावों को देख नहीं पा रहे हैं. यह महामारी हमारे जीवन जीने के तरीके को बदल चुकी हैं, फिर चाहे यह असर अल्पकालिक ही क्यों न हो.

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आपकी जानकारी के लिए बता दे कि महामारी और उनसे उपजने वाले परिवर्तनों पर निगाह रखने वालों के मुताबिक स्वास्थ्य से जुड़े क्षेत्रों में बड़ा बदलाव आने वाला है. कोरोना के बढ़ते प्रसार के बीच विभिन्न देशों में अस्पताल की जगह घर पर इलाज को तरजीह दी जा रही है. कई देशों में इसे लेकर पायलट प्रोजेक्ट शुरू हो चुके हैं, जो काफी सफल भी रहे हैं. कोविड-19 संकट के बाद यह लोकप्रिय हो सकता है.

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अगर आपको नही पता तो बता दे कि इस महामारी के विस्तार के साथ स्वास्थ्य सेवाओं पर बोझ बढ़ रहा है. इसे कम करने की आवश्यकता है. यह आश्चर्यजनक लेकिन सत्य है कि कई देश अस्पताल की जगह घर में मरीज की प्राथमिक देखभाल करने पर विचार कर रहे हैं. यह व्यवस्था रोगियों के दैनिक जीवन की गतिविधियों को पूरा करने के साथ ही सुरक्षित, कम लागत वाली और रोगियों द्वारा सराही जा रही है. वैश्विक स्तर पर घर में अस्पताल कार्यक्रम पायलट प्रोजेक्ट के रूप में ऑस्ट्रेलिया, इटली, न्यूजीलैंड, अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देशों में शुरू किए गए थे. जो काफी सफल रहे हैं. एक विश्लेषण के अनुसार, इन देशों में घर आधारित अस्पताल की देखभाल को सुरक्षित बताया गया है. साथ ही इस दौरान मृत्यु दर और लागत में भी कमी देखने को मिली है.

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