कोर्ट ने लगाई जाट आरक्षण पर रोक, मांगा सरकार से जवाब

नई दिल्ली: फरवरी में हुए जाट आरक्षण आंदोलन के मामले में पंजाब व हरियाणा हाइ कोर्ट ने रोक लगा दी है। कोर्ट ने हरियाणा सरकार से जवाब मांगा है। अगली सुनवाई के लिए 21 जुलाई की तारीख मुकर्रर की गई है। हरियाणा में जाट, जट सिख, रोड़, बिश्नोई, त्यागी और जाट को पिछड़ा वर्ग की नई कैटेगरी के तहत आरक्षण देने का प्रावधान किया गया था।

29 मार्च को हरियाणा सरकार ने विधाऩसभा के शीतकालीन सत्र में इससे संबंधित बिल पास करके 6 जातियों को बीसी सी कैटेगरी के तहत आऱक्षण दिया था। सरकार ने इस बिल को अधिसूचित कर दिया था। राज्य में कई सालों से जाट आरक्षण की मांग चली आ रही है।

इसे लेकर जाटों ने हिंसक आंदोलन भी किए। जिसमें देश को करोड़ों का नुकसान हुआ। दिल्ली में जंतर-मंतर पर इकट्ठे हुए जाट नेता भी इस बात की मांग कर रहे थे कि हरियाणा सरकार इस विधेयक को जल्द से जल्द अधिसूचित करे।

बढ़ते दबाव और चारों ओर से सरकार पर टिकीं जाट नेताओं की नजरों को देखते हुए यह विधेयक वीरवार को अधिसूचित हो गया है। सरकार के बाद इस बिल पर हस्ताक्षर के लिए इसे राज्यपाल के पास भेजा गया था, जहां से भी प्रक्रिया पूरी हो गई थी।

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