बलात्कार मामले में दिल्ली पुलिस के अधिकारी को मिली क्लीन चिट

नई दिल्ली : दिल्ली की एक अदालत ने एक महिला से बलात्कार और धमकी देने के आरोपी एक पुलिस अधिकारी के खिलाफ दोबारा जांच कराने का आदेश देने से यह कहते हुए मना कर दिया कि यह साबित नहीं हो सका कि उसने कुछ भी जबरन या महिला की मर्जी के खिलाफ किया था. अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रमेश कुमार ने महिला की याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि उनके बीच मित्रवत संबंध थे.

महिला ने दिल्ली के डिफेंस कॉलोनी थाने के तत्कालीन एसएचओ के खिलाफ मामले में मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट द्वारा मामला रद्द करने की रिपोर्ट स्वीकार किए जाने को चुनौती दी थी. न्यायाधीश ने कहा, ‘‘इस तथ्य पर विचार करते हुए कि निरीक्षक द्वारा शिकायतकर्ता से बलात्कार की कथित घटना के कोई सबूत जांच के दौरान नहीं जुटाए जा सके और 1998 से उनके बिच दोस्ती होने का पता चला है तथा इसका खुलासा महिला कि शिकायत से होता है.

उन्होंने कहा कि उनका मत है कि महिला रिकॉर्ड में ऐसा कोई सबूत उपलब्ध नही करा सकी जिसके आधार पर यह कहा जा सके कि आरोपी निरीक्षक ने कुछ भी जबरन या उसकी मर्जी के खिलाफ किया था. महिला ने हौजखास थाने में 16 जुलाई 2014 को भादंसं की धारा 376 (बलात्कार) और धारा 506 (आपराधिक भय प्रदर्शन) के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई थी जिसमें आरोप लगाया गया था कि निरीक्षक ने उससे बार-बार बलात्कार किया और उसे डाराया धमकाया गया.

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