कपड़ा ही बल्कि लोगों के लिए रोजगार का जरिया है कपास

मनुष्य की तीन मूलभूत आवश्यकताओं में कपड़े का नाम भी शामिल है और कपड़ा बनाने के लिए कपास बहुत ही आवश्यक है। भले ही फैशन के दौर में अब फैब्रिक की कई सारी वैराइटी शामिल हो चुकी है लेकिन टिकाऊ, फैशनेबल की कैटेगरी में आज भी कॉटन ही नंबर वन गया है। आज का दिन विश्वभर में विश्व कपास दिवस ( वर्ल्ड कॉटन डे) के रूप में सेलिब्रेट किया जाता है। तो इस मौके पर जानेंगे इस दिन से जुड़ी कुछ खास और जरूरी बातों के बारे में...

विश्व कपास दिवस (World Cotton Day) का इतिहास: बहुत अधिक समय पहले इस दिन की शुरुआत नहीं की गई थी। पहला कपास दिवस 07 अक्टूबर, 2019 को सेलिब्रेट किया गया था है। जिसकी पहल चार देशों बेनिन, बुर्किना फासो, चाड और मलिक ने की थी। तब से लेकर हर साल यह दिन सेलिब्रेट किया जाने लगा। इस दिन को संयुक्त राष्ट्र, विश्व खाद्य संगठन, संयुक्त राष्ट्र व्यापार व विकास सम्मेलन, अंतरराष्‍ट्रीय व्यापार केंद्र और अंतरराष्‍ट्रीय कपास सलाहकार समिति द्वारा सेलिब्रेट किया जाता है।

विश्व कपास दिवस का महत्व: कपड़ा भले ही जरूरी आवश्यकताओं में शामिल है लेकिन कॉटन उद्योग को उस तरह का महत्व नहीं दिया जाता जिस तरह उसे मिलना जरुरी है। कॉटन उद्योग महज कपड़े बनाने का ही काम नहीं करता बल्कि कई लोगों के रोजगार का भी जरिया है। तो इस छोटा या कम समझना सही नहीं।

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