सरकार के इस फैसले से नाखुश नजर आ रहे ट्रांसपोर्टर्स

देशव्यापी लॉकडाउन के बीच नेशनल हाईवे अशॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने देश भर में टोल प्लाजा पर शुल्क का कलेक्शन फिर से शुरू कर दिया है. लॉकडाउन से पहले की अवधि के मुकाबले नए वित्तीय वर्ष में 5% तक की बढ़ोतरी की गई है. सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने प्राधिकरण से कहा था कि 24 मार्च, 2020 को कोरोनावायरस महामारी द्वारा मजबूर लॉकडाउन को टोल शुल्क से बचाना चाहिए. लेकिन अब, एक संचार में, मंत्रालय ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल कलेक्शन को फिर से शुरू करने के लिए आदेश दिया है.

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इस शुल्क का कलेक्शन शुरू होने के बाद देशभर के ट्रांसपोर्टर्स सरकार के इस फैसले से खुश नहीं हैं क्योंकि वे पहले ही लगभग एक महीने से लॉकडाउन के चलते कैश की किल्लत का सामना कर रहे हैं. ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के प्रेसिडेंट, कुलतारन सिंह अटवाल ने कहा, "परिवहन बिरादरी के 85% से अधिक में एक से पांच वाहन हैं और उनमें से लगभग 65% स्व-नियोजित और मालिक-ड्राइवर हैं. सरकार की ओर से कोई राहत नहीं दी जा रही है, इसके बजाय टोल का बोझ भी शुरू हो रहा है. आमदनी के बजाय सुविधा, आगे बढ़ाने का रास्ता होना चाहिए."

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आपकी जानकारी के लिए बता दे कि ट्रांसपोर्ट्स की आपूर्ति के अनुसार और आवश्यक वस्तुओं की दरें भी सरकार द्वारा उठाए गए इस कदम के चलते प्रभावित हो सकती हैं. उन्होंने मांग की है कि 3 मई, 2020 तक टोल कलेक्शन को निलंबित रखा जाना चाहिए, जो कि देशव्यापी लॉकडाउन को समाप्त करने की आखिरी तारीक है. सरकार से एक राहत पैकेज की भी मांग की गई है जिसमें ड्राइवर और क्लीनर के लिए बीमा कवर के अलावा 15,000 रुपये प्रति माह ड्राइवर शामिल है.

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