मैनेजर की नौकरी छोड़ शुरू की खेती, ऐसे बनाई इम्यूनिटी बूस्टर चाय

Jun 29 2020 05:02 PM
मैनेजर की नौकरी छोड़ शुरू की खेती, ऐसे बनाई इम्यूनिटी बूस्टर चाय

पुरे देश में कोरोना वायरस के कारण कई लोग संक्रमित है कई लोगो की जान चली गयी है | इन सब के बीच हर कोई यही कह रहा है की कोरोना से बचने के लिए हमे अपने पाचन तंत्र को मजबूत बनाना होग़ा अपनी इम्यूनिटी पॉवर को बढ़ाना होग़ा | आपकी जानकारी के लिए बता दें जिस समय सभी लोग घरो में बैठ कर अपने आपको कोरोना से दूर रखने का प्रयास कर रहे थे उस समय मुंबई में मैनेजर की नौकरी छोड़कर अपनी माटी में खेती करने पहुंचा यह व्यक्ति | उत्तराखंड में गरुड़ के चौरसों निवासी चंद्रशेखर पांडेय ने तुलसी और जड़ी बूटियों से निर्मित पांच वैरायटी की चाय बाजार में उतारी है।

असल में उनका दावा है कि इसमें एक चाय इम्यूनिटी पॉवर बढ़ाने वाली भी है। इसके जरिए पांडेय लोगों को स्वरोजगार की राह भी दिखा रहे हैं। और पांडेय की चाय बागेश्वर के साथ ही गरुड़ बाजार में लोगों की पसंद बन गयी है।  इसके साथ ही कृषि, बागवानी के क्षेत्र में चंद्रशेखर पांडे का नाम अब नया नहीं रह गया है। लगभग 26 वर्ष तक मुंबई के प्रतिष्ठित ज्वेलरी शॉप में काम करने वाले पांडेय को पहाड़ का पलायन का दर्द 2017 में गांव ले आया था। वह मुंबई के ज्वेलरी शॉप में मैनेजर की नौकरी छोड़कर परिवार सहित गांव लौट आए थे| 

यंहा उन्होंने अब खेती, बागवानी के साथ ही तुलसी, जड़ी-बूटियों की चाय बाजार में पेश की  है। पांडेय ने इम्यूनिटी बूस्टर टी, तुलसी-अदरख चाय, तुलसी ग्रीन टी, हर्बल टी, जड़ीबूटी से निर्मित केमू माइल टी नाम से पांच प्रोडक्ट बाजार में उतारे हैं।  वहीं गरुड़ के गोलू मार्केट में कृषि विभाग के सहयोग से जय बलि बूबू सोयाबीन उत्पादक समूह चौरसों को आवंटित दुकान में चाय बेची जाती है।इसके साथ ही गरुड़ के साथ ही बागेश्वर के बाजार में यह चाय उपलब्ध है।पांडेय जी की चाय का जायका लोग बड़े चाव से ले रहे हैं। फिलहाल उन्होंने चाय के पांच हजार पैकेट बाजार में उतारे हैं। एक पैकेट की कीमत 40 रुपये है। पांडेय बताते हैं कि एक पैकेट से 100 कप चाय बन सकती है।

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