इटली ने किया दावा बन गई कोरोना वैक्सीन, शरीर में वायरस का खात्मा करेगा एंटीबॉडीज़!

नई दिल्ली/रोम : इस समय कोरोना वायरस का खतरा सभी जगह बना हुआ है और इससे लड़ने के लिए इसकी वैक्सीन बनाने के लिए लोग लाखों जतन कर रहे हैं. अब इसी बीच एक राहत भरी खबर आई है. जी दरअसल हाल ही में इटली ने दावा किया है कि उसने इसकी वैक्सीन की खोज कर ली है. आप सभी को बता दें कि हाल ही में इटली सरकार ने इस बात का दावा किया है कि, ''उसने ऐंटी बॉडीज को ढूंढ निकाला है जिसने मानव कोशिका में मौजूद कोरोना वायरस को खत्म कर दिया है.'' आप जानते ही होंगे कि कोरोना वायरस से दुनियाभर में 3.5 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. ऐसे में इसकी दवा के लिए सभी लगातार प्रयास कर रहे हैं.

वहीं साइंस टाइम्स में मंगलवार को प्रकाशित रिपोर्ट में कहा गया है, 'रोम की संक्रामक बीमारी से जुड़े स्पालनजानी हॉस्पिटल में टेस्ट किया गया है और चूहे में ऐंटी बॉडीज तैयार किया गया. इसका प्रयोग फिर इंसान पर किया गया और इसने अपना असर दिखाया.' रोम के लजारो स्पालनजानी नैशनल इंस्टिट्यूट फॉर इन्फेक्शन डिजिज के शोधकर्ताओं ने कहा कि जब इसका इस्तेमाल इंसानों पर किया गया तो देखा गया कि इसने कोशिका में मौजूद वायरस को खत्म कर दिया. यह यूरोप का पहला अस्पताल है जिसने कोविड19 के जीनोम सीक्वंस को आइसोलेट किया था.' डिफेंस इंस्‍टीट्यूट - डिफेंस इंस्‍टीट्यूट चिकित्‍सा विज्ञान की तकनीकों और संक्रामक बीमारियों से बचाव पर काम करता है. ऐसे में इजरायल में वैक्‍सीन और दवा बनाने का काम भी इस इंस्‍टीट्यूट के जिम्‍मे है और अब इसी लैब ने कोरोना वायरस का टीका बनाने का दावा किया है.

जी दरअसल इजरायल के रक्षा मंत्री के मुताबिक यह वैक्‍सीन मोनोक्‍लोनल तरीके से कोरोना वायरस पर हमला करती है और बीमार लोगों के शरीर के अंदर ही कोरोना वायरस का खात्‍मा कर देती है. इसी के साथ बात करें WHO कि तो उन्होंने भी बीते कल गंभीर चेतावनी दी थी. जी दरअसल इटली ने यह दावा ऐसे वक्त में किया है जब आज ही डब्ल्यूएचओ के कोविड19 महामारी से जुड़े विशेषज्ञ ने दावा किया था कि हो सकता है कि कोरोना वायरस की कोई वैक्सीन ही न मिले जैसे कि एचआईवी और डेंगू की वैक्सीन नहीं मिल पाई है. एचआईवी से पिछले चार दशक में 3.4 करोड़ लोगों को जान जा चुकी है. इन सभी के बीच ध्यान देने वाली बात यह है कि दुनियाभर में कोरोना वायरस का तोड़ ढूंढने के लिए 100 से ज्यादा वैक्सीन प्री-क्लीनिकल ट्रायल पर हैं और उनमें से कुछ का इंसानों पर प्रयोग शुरू किया गया है. वहीं चीन से लेकर अमेरिका तक वैक्सीन बनाने के लिए लोग लगे हुए हैं लेकिन किसी को सफलता मिल नहीं पा रही है

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