इस राज्य में ब्रांड बन चुका है कोरोना

May 23 2020 12:20 PM
इस राज्य में ब्रांड बन चुका है कोरोना

महामारी कोरोना ने पूरी दुनिया के कारोबार को ठप कर रखा है, लेकिन कोलकाता में कोरोना के नाम से 60 के दशक से कारोबार होता आ रहा है. कोरोना कोलकाता में सिर्फ वायरस नहीं, एक बड़ा ब्रांड भी है. यहां कोरोना नाम से एक नहीं, तीन-तीन पेट स्टोर हैं, जहां पालतू कुत्ते-बिल्लियों की जरुरत का सारा सामान एक छत के नीचे मिलता है. उनकी दवाइयां और वैक्सीन भी उपलब्ध हैं.

क्या वाकई महाराष्ट्र में तेजी से बढ़ रहा है साइबर क्राइम ?

अपने बयान में 'कोरोना' के मैनेजर 28 साल के विक्रमजीत चट्टोपाध्याय ने बताया-'1957 में सनत कुमार बसु रॉय नामक व्यक्ति ने न्यू मार्केट इलाके में 'मेरठ स्पोर्ट्स' नाम से एक स्पोर्ट्स गुड्स स्टोर की शुरुआत की थी.1960 में उनके पुत्र राम कृष्ण बसु रॉय ने स्टोर का नाम बदलकर 'कोरोना' रख दिया. उस समय कोरोना गोल्फ बैग का बड़ा ब्रांड था और इस स्टोर से देशभर में इसकी आपूर्ति की जाती थी. मेरठ स्पोर्ट्स में पालतू कुत्ते-बिल्लियों की कुछ एक्सेसरीज भी मिलते थे. 

मध्य प्रदेश सरकार से टैक्स नीति में भी बदलाव चाहते है उद्योगपति, कर रहे है ये मांग

आपकी जानकारी के लिए बता दे कि 1979 में रामकृष्ण बसु रॉय के निधन के बाद उनके बड़े बेटे उदय कृष्ण बसु रॉय ने स्टोर की जिम्मेदारी संभाली. उदय कृष्ण के कुछ समय के लिए विदेश चले जाने पर उनके छोटे भाई कुमार कृष्ण बसु रॉय ने स्टोर का दायित्व संभाला. कुमार कृष्ण के नेतृत्व में कारोबार की प्रकृति भी बदल गई. स्पोर्ट्स गुड्स स्टोर से यह पूरी तरह पेट स्टोर में तब्दील हो गया और धीरे-धीरे कोरोना ने ब्रांड का रूप ले लिया. आज यह कोलकाता समेत पूर्वी भारत में पालतू कुत्ते-बिल्लियों की जरुरत के सामान का सबसे पुराना और प्रमुख ब्रांड है . आज कोरोना की क्लाइंट लिस्ट में सेना, अर्द्ध सैनिक बल, बीएसएफ, आरपीएफ, सीआइएसएफ, कोलकाता पुलिस इत्यादि शामिल हैं. यहां पालतू कुत्ते-बिल्लियों के फूड्स एवं सप्लीमेंट्स, ग्रूमिंग आइटम्स, ट्रेनिंग संबंधी उपकरण, खिलौने, ड्रेस इत्यादि उपलब्ध हैं.'

पाकिस्तान विमान हादसे पर सेलेब्स ने जताया दुःख

यहां पर कमरे को लेकर विधायकों और अधिकारियों में हुई आपसी तनातनी

जम्मू-कश्मीर में जल्द होने वाली है नौकरियों की बरसात