प्रवासी श्रमिकों की निगरानी के लिए यहां पर बनाई जाएंगी समितियां

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने दूसरे राज्यों में फंसे श्रमिक और कामगारों को उनके घर पहुंचाने की व्यवस्था की है तो कोरोना संक्रमण की घेराबंदी का भी साथ-साथ चौकस प्रबंध किया है. हर शख्स के श्रेणीवार क्वारंटाइन अनिवार्य किया गया है तो इन प्रवासियों की सतत निगरानी भी की जा रही है. इसके लिए गांव और शहरों में निगरानी समितियां गठित की जाएंगी. विस्तृत निर्देशों के साथ क्वारंटाइल प्रोटोकॉल शुक्रवार को मुख्य सचिव आरके तिवारी ने जारी कर दिया है. 

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आपकी जानकारी के लिए बता दे ​कि लॉकडाउन के बीच प्रवासी श्रमिक और कामगारों को उनके घर पहुंचाने के लिए यूपी की योगी सरकार ने काम शुरू कर दिया है. इस आपाधापी में कोरोना संक्रमण का प्रसार न हो, इसके लिए शासन ने निगरानी और देखभाल के लिए क्वारंटाइन प्रोटोकॉल तैयार किया है.

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अपने बयान में मुख्य सचिव आरके तिवारी द्वारा इस संबंध में जारी आदेश में स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि प्रवासियों के आने पर उनकी स्क्रीनिंग जिला प्रशासन द्वारा कराई जाएगी. कोरोना संक्रमण का लक्षण मिलने पर फैसेलिटी क्वारंटाइन में रखा जाएगा. जांच में वह व्यक्ति संक्रमित पाया जाता है तो उसे अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा. लक्षण वाले जो व्यक्ति संक्रमित नहीं पाए जाएंगे, उन्हें सात दिन तक फैसिलिटी क्वारंटाइन में रखकर फिर परीक्षण कराया जाएगा. उसके बाद भी संक्रमण नहीं मिलता तो चौदह दिन के होम क्वारंटाइन में भेजा जाएगा. वहीं, बिना लक्षण वाले व्यक्तियों को 21 दिन के होम क्वारंटाइन में भेजा जाएगा. जिले में पहुंचने पर वहां आश्रय स्थल पर हर व्यक्ति का पूरा ब्योरा मोबाइल नंबर सहित दर्ज किया जाएगा.

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