बड़े पैमाने पर होगा कोरोना की दवा 2-DG का प्रोडक्शन, DRDO ने फार्मा कंपनियों से आमंत्रित किए आवेदन

नई दिल्ली: डीआरडीओ ने 2-डीऑक्सी-डी-ग्लूकोज (2-DG) के निर्माण के लिए भारतीय फार्मा कंपनियों से EOI (एक्सप्रेशन ऑफ इंट्रेस्ट) मांगा है। 2-DG कोरोना संक्रमण के रोगियों के उपचार में सहायक दवा है। इसे डॉ। रेड्डी लेबोरेट्रीज कि मदद से डीआरडीओ ने इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूक्लियर मेडिसिन एंड अलाइड साइंसेज में विकसित किया है। दवा के क्लिनिकल परिणाम से पता चलता है कि दवा के मॉलिक्यूल हॉस्पिटल में एडमिट कोरोना रोगियों की शीघ्र रिकवरी में सहायता करते हैं। इसके साथ ही रोगियों की मेडिकल ऑक्सीजन पर निर्भरता को भी कम करते हैं।

क्लिनिकल ट्रायल के परिणामों से पता चलता है कि जिन रोगियों का 2-DG दवा के साथ उपचार किया गया, उनका RT-PCRZ टेस्ट जल्द निगेटिव आया। ईओआई के डॉक्यूमेंट के अनुसार, 17 जून से पहले फॉर्मा कंपनियों के इसके लिए अप्लाई करना है। आवेदन की टेक्निकल एसेसमेंट कमिटी जांच करेगी। सिर्फ 15 कंपनियों को टीओटी दिया जाएगा, ये पहले आओ पहले पाओ के आधार पर होगा।

जो भी कंपनियां इस बोली लगाने की प्रक्रिया में सम्मिलित होंगी, उनके समीप ड्रग लाइसेंसिंग अथॉरिटी से दिया गया सक्रीय फार्मास्युटिकल इंग्रेडिएंट (API) बनाने का ड्रग लाइसेंस होना चाहिए। साथ-साथ WHO GMP (गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिस) का प्रमाण पत्र होना चाहिए। सिंथेटिक प्रक्रिया के माध्यम से डी-ग्लूकोज का उपयोग करके 2-DG को बनाने की प्रक्रिया अपनाई जाती है। पांच रासायनिक प्रक्रियाओं से गुजरने के पश्चात् डी-ग्लूकोज से 2-DG बनाई जाती है।

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