आंसुओं से भी फ़ैल सकता है कोरोना संक्रमण, अमृतसर के मेडिकल कॉलेज की रिपोर्ट में दावा

नई दिल्ली: कोरोना संक्रमित शख्स के आंसुओं से भी संक्रमण के फैलने का खतरा रहता है. अमृतसर के राजकीय मेडिकल कॉलेज ने एक रिसर्च में यह दावा करते हुए कहा है कि 'ocular manifestations'  के साथ और इसके बिना वाले मरीजों के आंसू कोविड -19 इंफेक्शन का एक संभावित स्रोत हो सकते हैं. हालांकि अभी भी कोरोना का फैलने का मुख्य माध्यम सांस लेते समय आने वाले छोटे छोटे ड्रॉप्लेट्स ही हैं.  रिसर्चर्स का कहना है कि दूसरे माध्यमों से भी इसके फैलने के खतरे को अनदेखा नहीं किया जा सकता.

रिसर्च के मुताबिक, संक्रमित मरीजों के आंसुओं में कोविड -19 की मौजूदगी का मूल्यांकन और तुलना की गई है.  ocular manifestation का मतलब है शरीर में होने वाली किसी बीमारी की वजह से आंख पर पड़ने वाली बीमारी या असर. राजकीय मेडिकल कॉलेज ने कुल 120 कोरोना मरीजों पर रिसर्च की, इनमें से 60 को ocular manifestation था और 60 को नहीं था. 41 मरीजों को conjunctival hyperemia, 38 को follicular reaction, 35 को chemosis, 20 को mucoid discharge और 11 को itching की समस्या थी.

इनमे से तक़रीबन 37 फीसद अध्ययन प्रतिभागियों में ocular manifestation के साथ हल्का कोरोना संक्रमण था, जबकि लगभग 63 फीसद को गंभीर संक्रमण था. दूसरे समूह में, लगभग 52 फीसद मरीजों को हल्की बीमारी थी और 48 फीसद से अधिक को गंभीर बीमारी थी. इस रिसर्च के लिए रोगी की RTPCR रिपोर्ट आने से 48 घंटों के अंदर आँसू के सैंपल लिए गए. बता दें कि RTPCR टेस्ट को कोरोना के लिए सबसे अच्छा टेस्ट माना जाता है. कुल मिलाकर 120 में से 21 मरीजों के आंसू RTPCR में कोरोना संक्रमित पाए गए थे. इनमें से 11 मरीजों को ocular manifestations था जबकि 10 को ऐसी कोई समस्या नहीं थी.

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