अमेरिका में कोरोना की मार हुई तेज, बढ़ रहे संक्रमण का केस

अमेरिका में कोरोना की मार हुई तेज, बढ़ रहे संक्रमण का केस

वाशिंगटन: दिनों दिन बढ़ती जा रही भयानक बीमारी और आपदा के साथ अब कोरोना ने लोगों का जीना हराम कर दिया है, वहीं हर दिन बढ़ता इस वायरस का प्रकोप लोगो के लिए परेशानी का कारण बनता जा रहा है, वहीं हर दिन इस वायरस की चपेट में आने से लाखों की तादाद में लोग संक्रमति हो रहे है. वहीं रोजाना हजारों की तादाद में लोग मौत का शिकार हो रहे है.  इस वायरस का सबसे प्रकोप इस समय लैटिन अमेरिका में देखने को मिल रहा है. दुनिया कई हिस्सों में शुक्रवार को रिकॉर्ड मौतें दर्ज की गईं जबकि यूरोप, एशिया और संयुक्त राज्य अमेरिका के अधिकांश देशों में महामारी की गति धीमी है. वहीं लैटिन अमेरिका के दो सबसे बड़े देशों, मेक्सिको और ब्राजील ने इस सप्ताह लगभग प्रतिदिन कोरोना वायरस संक्रमण और मौतों की रिकॉर्ड संख्या दर्ज की है. जॉन्स हॉपकिंस यूनिवर्सिटी द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, ब्राजील ने शुक्रवार तक 330,000 से अधिक पॉजिटिव मामलों की सूचना दी.

मिली जानकारी के अनुसार ब्राजील संक्रमित मरीजों के मामले में रूस को पीछे छोड़कर दूसरे नंबर पर आ गया है. अब अमेरिका ही उससे आगे है. ब्राजील में 21,000 से अधिक लोगों की मौतें दर्ज की गई हैं, हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि सही संख्या अधिक है. मेक्सिको ने कोरोना से अब तक की सबसे अधिक एक दिवसीय मौतों की सूचना दी. शुक्रवार को 479 लोगों की मृत्यु हुई जो बुधवार को हुईं 424 मौतों से ज्यादा है. देश ने 2,960 नए मामलों की सूचना दी. हालांकि, स्वास्थ्य विभाग स्वीकार किया है कि वास्तविक संख्या मैक्सिको की कम परीक्षण दर के कारण संभवतः कई गुना अधिक है.

विशेषज्ञों ने कहा कि लैटिन अमेरिका में बढ़ती मौतों ने एक ऐसे क्षेत्र में सरकारी कार्रवाई को दिखाया है जहां लाखों लोगों के पास अनौपचारिक नौकरियां हैं और कई पुलिस बल कमजोर हैं या भ्रष्ट हैं और प्रतिबंधों को लागू करने में असमर्थ हैं. जंहा संयुक्त राज्य अमेरिका और चीन, दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएं हैं और वहां बेरोजगारी बढ़ रही है. अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष ने अनुमान लगाया है कि हर चार में से एक अमेरिकी बेरोजगार हो सकता है. चीन में, विश्लेषकों का अनुमान है कि शहरी कार्यबल का एक तिहाई बेरोजगार हो गया है.वहीं इस बात का पता चला है कि इस बीच कोरोना वायरस महामारी से अन्य देशों में बहुत अधिक लोग संक्रमित पाए जा रहे हैं जिससे वैज्ञानिकों की चिंता बढ़ गई है. वैज्ञानिकों को कोरोना वायरस की दूसरी वैश्विक लहर की चिंता है. 

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