बीफ मामले में उठ रहे विरोध के स्वर

Sep 08 2015 04:08 PM
बीफ मामले में उठ रहे विरोध के स्वर

अहमदाबाद : गुजरात सरकार द्वारा हाल ही में गौ मांस का सेवन न करने को लेकर एक पोस्टर चस्पा किया गया। जिसे लेकर विवाद निर्मित किया जा रहा है। मुस्लिम संगठनों द्वारा इन पोस्टर्स का विरोध किया जा रहा है। तो दूसरी ओर गौ संरक्षण की बात कर गौमांस भक्षण का विरोध किया जा रहा है। हाल ही में दिल्ली अप्लसंख्यक आयोग के पूर्व अध्यक्ष कमाल फारूकी ने गुजरात सरकार के इन पोस्टर्स पर कहा कि सरकार लोगों की धार्मिक भावनाओं को भड़का रही है। उन्होंने कहा कि कुरान का हवाला देकर धार्मिकता को हवा दी जा रही है। यही नहीं इस संवेदनशील मसले को राजनीतिक बनाया जा रहा है। 

उल्लेखनीय है कि गुजरात सरकार द्वारा चस्पा किए गए इन पोस्टर्स में कुरान का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि कुरान में गौ हत्या को गलत माना गया है। इस मामले में कहा गया है कि यह सब भारतीय संविधान के विरूद्ध है। इस मामले में कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस तरह की सलाह दुबई में भी दे आते तो और भी अच्छा होता। क्या खाना है और क्या नहीं खाना है यह तो व्यक्ति पर ही निर्भर है। यह पोस्टर तानाशाही का स्वरूप है। मामले में पूर्व सांसद शाहिद सिद्दीकी ने भी अपना विरोध जाताते हुए कहा है कि यह बात गले नहीं उतरती कि कुरान में बीफ खाने को सेहत लिए नुकसानदेह बताया गया है।