वाममोर्चे से गठबंधन पर त्रिपुरा कांग्रेस में पैदा हुए मतभेद

Feb 26 2016 11:51 AM
वाममोर्चे से गठबंधन पर त्रिपुरा कांग्रेस में पैदा हुए मतभेद

अगरतला: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए वाम मोर्चे के साथ गठबंधन की संभावनाओं को लेकर त्रिपुरा कांग्रेस में तीखे मतभेद देखने को मिल रहे है. त्रिपुरा कांग्रेस अध्यक्ष बिराजित सिन्हा और कुछ अन्य नेताओं ने कहा है की वे केंद्रीय नेतृत्व के हर फैसले को मानेंगे, लेकिन विपक्ष के नेता, कांग्रेस के सुदीप रॉय बर्मन और उनके पिता और पूर्व मुख्यमंत्री समीर रंजन बनर्जी वाममोर्चे के साथ किसी भी प्रकार के गठबंधन के सख्त खिलाफ हैं.

त्रिपुरा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बिराजित सिन्हा ने कहा हम इस मामले में केंद्रीय नेतृत्व के हर फैसले को मानेंगे. समीर रंजन बर्मन ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा, मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) एक नीति रहित पार्टी है. इसके कोई सिद्धांत नहीं हैं. लोगों ने इसे सत्ता से उखाड़ फेंका है. अब वह कांग्रेस के कंधे पर सवार होकर फिर से सत्ता हासिल करना चाहती है. बर्मन ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को चिट्ठी लिखी है, जिसमें उन्होंने पश्चिम बंगाल में वाममोर्चा के साथ गठबंधन के खिलाफ अपने विचार व्यक्त किये और कहा कि यह कांग्रेस के लिए हानिकारक होगा.

बर्मन ने याद दिलाते हुए कहा, कि हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि पश्चिम बंगाल में माकपा ने अपने 34 साल के शासन के दौरान कांग्रेस के तक़रीबन 50,000 प्रतिबद्ध कार्यकर्ताओं को बेरहमी से मार डाला था. उनकी टिप्पणी के मुताबिक, माकपा ने हमेशा राजीव गांधी और इंदिरा गांधी की छवि धूमिल करने के प्रयास में रही है और उन्होंने साम्यवाद को हमेशा देशभक्ति से ऊपर रखा है.