मुद्दों पर रही फेल तो कांग्रेस ने लिया नारेबाजी का सहारा, कार्यकर्ताओं से मांगे सुझाव

नई दिल्ली: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने 2019 के लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मात देने के लिए अपने 15 लाख पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा है कि ऐसे नारों का सुझाव प्रदान करें, जिन्हें चुनाव में पीएम मोदी के खिलाफ हथियार की तरह इस्तेमाल किया जा सके। जनसत्ता की रिपोर्ट के मुताबिक एक कांग्रेसी नेता ने जानकारी देते हुए बताया है कि यह प्रक्रिया बकायदा 20 फरवरी से लागू हो चुकी है। 

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कांग्रेस का यह अभ्यास अपने 'जमीनी कार्यकर्ताओं' को एक जुट रखने का नया तरीका भी माना जा रहा है। उल्लेखनीय है कि नारे चुनाव अभियानों का एक अभिन्न हिस्सा होते हैं, क्योंकि ये पार्टियों के लिए एक मुख्या मुद्दा देते हैं। वर्ष 1971 में कांग्रेस के 'गरीबो हटाओ' से लेकर वर्ष 2014 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 'अच्छे दिन आने वाले हैं' तक अलग-अलग सियासी दलों ने वोटरों को आकर्षित करने के लिए अभिनव और आकर्षक लाइनों का उपयोग किया है।

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इस बार कांग्रेस ने अपने जमीनी कार्यकर्ताओं से अपने पसंदीदा नारों का सुझाव पार्टी को देने के लिए कहा है। पार्टी पदाधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया है कि 393 लोकसभा चुनाव सीटों से 15 लाख कार्यकर्ताओं का चयन किया गया। फीडबैक लेने के लिए 2,46 बूथ का भी चयन  किया गया है। इसके अलावा कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के नेतृत्व में कांग्रेस की प्रचार समिति ने लगभग एक दर्जन विज्ञापन एजेंसियों से मुलाकात की है।

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