गांधीनगर में कुछ यूं बरसे राहुल

गांधीनगर। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने आज गांधीनगर में उपस्थितों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि जब आप मोबाईल में बटन दबाते हैं, सेल्फी लेते हैं तो चीन के युवा को रोजगार मिलता है। उसे लाभ होता है। हमारे बाजारों में मिलने वाले लैपटाॅप, मोबाईल फोन के पीछे लिखा होता है मैड इन चाईना। भारत में करीब 30 लाख युवा रोजगार निकलने निकलते हैं। इनमें से 30 हजार युवा 24 घंटे में बाजार में निकलते हैं वे पाटीदार और सभी वर्गों के लोग होते हैं।

उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि गुजरात में केवल 5 या 6 उद्योगपतियों की सरकार चल रही है। हालात ये रहे कि गुजरात में 22 साल तक आम जनमा की सरकार नहीं बनी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्र में काम किया तो युवा परेशान हो गए लेकिन ये युवा अब शांत नहीं रहेंगे। युवाओं की एक आवाज बन गई है जिसे न तो दबाया जा सकता है और न रोका जा सकता है। आप 10 करोड़ रूपए, हजार करोड़ रूपए लगा लीजिए, भले ही पूरी दुनिया का रूपया रख दीजिए मगर गुजरात की आवाज़ को आप दबा नहीं सकेंगे।

पहले भी गुजरात की आवाज़ को दबाने के प्रयास किए गए। अब तो समूचे गुजरात में आंदोलन हो रहे हैं। राहुल गांधी ने सरदार पटेल, महात्मा गांधी का उल्लेख करते हुए कहा कि ये सभी गुजरात की आवाज़ की रक्षा करते थे लेकिन मौजूदा सरकार तो गुजरात की आवाज़ को दबाना चाहती है। वे इतना डर गए हैं कि गुजरात की आवाज़ को दबाना चाहते हैं। सच्चाई यह है कि मोदी जी आप युवा को खरीद नहीं सकते हैं। ये युवा हर शहर, हर गांव में हैं।

पीएम मोदी समूचे देश को अपने मन की बात कहते हैं लेकिन आज मैं उन्हें प्यार से गुजरात के दिल की बात कहना चाहता हूॅं। यहां के युवा शिक्षा चाहते हैं। 22 साल में प्रत्येक यूनिवर्सिटी, काॅलेज को करीब 5 से 10 उद्योगपतियों के हाथ में सौंप दिया है। जब भी युवा शिक्षा चाहता है। उससे 10 लाख रूपए मांगे जाते हैं। वह शिक्षा प्राप्त नहीं कर पाता है। जब कुछ युवा शिक्षा प्राप्त कर लेते हैं तो उन्हें गुजरात में रोजगार नहीं मिलता और दूसरे राज्य में उन युवाओं को जाना पड़ता है।

जब गुजरात के युवाओं के माता - पिता बीमार हो जाते हैं और चिकित्सालयों में अपना उपचार करवाते हैं तो उन्हें निजी चिकित्सालयों में रूपयों का हवाला देकर बाहर कर दिया जाता है। कहा जाता है कि यहां पर केवल अमीरों का उपचार होता है। उन्होंने कहा कि गुजरात का वह किसान जो अपना खून - पसीना देता है। जब वह आप से कर्जा माफ करने की बात करता है तो आप उससे कहते हैं कि आपका कर्जा माफ नहीं होगा। उन्होंने उद्योगपति विजय माल्या पर अप्रत्यक्ष टिप्पणी करते हुए कहा कि इस देश में अमीर का कर्जा माफ हो सकता है मगर गरीब का कर्जा माफ नहीं होता है।

उन्होंने टाटा कंपनी के नैनो प्रोजेक्ट का उल्लेख करते हुए कहा कि आखिर जो 35 हजार करोड़ रूपए नैनो के उत्पादन के लिए इकाई स्थापित करने में दिया गया उससे कितनी नैनो का प्रोडक्शन हुआ और कितने गरीबों का भला हुआ। जबकि किसान ने अपनी जमीन, पानी सब नैनो के उत्पादन के लिए उपलब्ध करवा दिया। राहुल गांधी ने विनोदी स्वर में कहा कि वे कहते हैं ना खाऊॅंगा ना खाने दूंगा। समूचे भारत में मैक इन इंडिया फैल हो गया। स्टार्टअप इंडिया फैल हो गया।

मगर एक कंपनी सफल रही। यह जय शाह की कंपनी थी। वह व्यवसाय जो 50 हजार रूपए से प्रारंभ हुआ वह केवल 3 माह में ही बहुत आगे पहुंच गई। उन्होंने कहा कि जय शाह को लेकर प्रधानमंत्री क्यों चुप हैं। आखिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमित शाह के पुत्र को लेकर क्या कहते हैं उसे समूचा देश सुनना चाहता है। आपने कहा था ना खाऊंगा ना खाने दूंगा मगर अब तो आपने खिलाना शुरू कर दिया। गुजरात की आवाज़, गुजरात के युवाओं के दिल के दर्ज को मैं सुनने आया हूॅं। गुजरात के युवाओं की शिक्षा, चिकित्सा सुविधा आदि के लिए कर सकूूॅं तो वह मैं जरूर पूरी शक्ति से आपके लिए करूंगा।

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