कांग्रेस को जेएनयू मामले में स्पष्ट करना होगा अपना रूख

Feb 15 2016 05:33 PM
कांग्रेस को जेएनयू मामले में स्पष्ट करना होगा अपना रूख

नई दिल्ली: कांग्रेस किस तरह की पार्टी है इसका जवाब उन्हें देना चाहिए। क्या इनके मन में इस तरह के भाव आ गए हैं कि ये आतंकी अफजल गुरू को अजफजल गुरू जी कहते हैं। क्या देश के लिए शहीद होने वाले जवानों का सम्मान कांग्रेस की इन बातों से होता है। कांग्रेस को अपना रूख स्पष्ट करना चाहिए। यह बात भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कही। उन्होंने कहा कि जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय मे देशद्रोही नारेबाजी होने के बाद कांग्रेस ने जो रूख अपनाया है वह चिंताजनक है।

उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी देश विरोधी नारों का विरोध करती है। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस को इस तरह के बयानों के लिए माफी मांगनी होगी। उनका कहना था कि आखिर कांग्रेस कब तक वोट बैंक की राजनीति करेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने घटना का समर्थन किया है। भाजपा ने देशविरोधी नारेबाजी का विरोध करते हुए कहा कि राहुल इसका समर्थन कर रहे हैं यह अच्छा नहीं है।

उल्लेखनीय है कि ये छात्र नेता भारत की बर्बादी की बात कर रहे हैं और देश विरोधी नारेबाजी इन लोगों द्वारा की जा रही है। जेएनयू में पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाए गए। जिसके बाद राजनीति गर्मा गई। जिसे लेकर भाजपा ने अपना विरोध जताया। उल्लेखनीय है कि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में देशविरोधी नारे लगाए गए। आतंकी अफजल गुरू की सज़ा को उसका बलिदान बताते हुए कहा गया कि उसका खून रंग लाएगा।

नारेबाजी करने वालों ने कहा कि भारत तेरे टुकड़े होंगे, कश्मीर की जंग जारी रहेगी। इस तरह की नारेबाजी करने के बाद राजनीति तेज़ हो गई। एक वर्ग विशेष का समर्थन करने वाले दल स्पष्टतौर पर इस तरह की नारेबाजी को देशद्रोह कहने से बचते रहे। मगर भाजपा और अन्य संगठन द्वारा इसे देशद्रोह कहा गया।