अटल जी के कार्यकाल में क्यों नहीं हुई जाकिर नाईक पर कार्रवाई

नई दिल्ली : इस्लामिक उपदेशक जाकिर नाईक को लेकर कांग्रेस ने भाजपा पर वार किया है। जिसमें कांग्रेस का कहना है कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली सरकार ने जाकिर नाईक की जम्मू-कश्मीर यात्रा को सफल करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया था। दरअसल जाकिर नाईक ने राजीव गांधी चैरिटेबल ट्रस्ट को 50 लाख रूपए देने का दावा किया तो काफी बवाल मचा। ऐसे में कांग्रेस ने अपना बचाव करते हुए भाजपा पर आरोप लगाए। जाकिर नाईक के मामले को लेकर कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा कि तत्कालीन राजग सरकार ने नाईक की तीन दिवसीय यात्रा का आयोजन किया था।

इस यात्रा को सफल बनाने में भाजपा नेतृत्व वाली राजग सरकार ने हर तरह का प्रयास किया था। जम्मू - कश्मीर में पीडीपी सरकार अस्तित्व में थी। ऐसे में जाकिर नाईक को राजभवन में निमंत्रित किया गया और उनका स्वागत सत्कार हुआ। दरअसल सरकार ने नाईक के एनजीओ इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन के सीधा विदेशी धन अर्जित करने पर रोक लगाने के मामले में अधिसूचना जारी कर दी है। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने सवाल किए कि आखिर जाकिर नाईक के विरूद्ध तत्कालीन अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने कार्रवाई क्यों नहीं की थी।

उन्होंने कहा कि मौजूदा विधी मंत्री रविशंकर प्रसाद तथ्यों का प्रस्तुतीकरण में लापरवाह रहते हैं। यह बात तब साफ होती है जब पीस टीवी चैनल को लेकर संसद में दिए उनके बयान पर ध्यान दिया जाता है। दरअसल कांग्रेस ने उन पर इस तरह का लापरवाहीपूर्वक बयान देने का आरोप लगाया है। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने राजीव गांधी चैरिटेबल ट्रस्ट को 50 लाख रूपए का चंदा जाकिर नाईक द्वारा दिए जाने की बात कहे जाने को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उसकी आलोचना की थी और कहा था कि जाकिर नाईक ने स्वयं को राष्ट्रद्रोही गतिविधियों के मामले में बचाने के लिए रिश्वत के तौर पर यह रकम दी थी।

जाकिर के मामले में जांच एजेंसियों पर सवालिया निशान

जाकिर के चंदे से राजनीति में उबाल

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