इलेक्ट्रिक व्हीकल के लिए ये प्लानिंग कर रही है कंपनियां

महिंद्रा और फोर्ड जैसी ऑटोमोबाइल कम्पनियो ने 12 साल बाद समझौता किया है, दोनों कम्पनियो के बीच ये करार मोबिलिटी क्रायक्रम, कनेक्टेड व्हिकल प्रोजेक्ट, इलेक्ट्रिफिकेशन, प्रोडक्ट डेवल्पमेंट डिस्ट्रीब्यूशन और महिंद्रा की ग्लोबल मार्केट में पहुंच बढ़ाने के लिए हुआ है. बता दे कि बीते दिनों से सरकार ऑटोमोबाइल कंपनी से लगातार इको फ्रेंडली और इलेक्ट्रिक वाहन की ओर आगे बढ़ने की बात कर रही है. इसलिए जो कंपनियां पहले से इस सेगमेंट में सक्रिय है, वह अपने मार्केट को आगे बढ़ाना चाहती है.

आपको बता दे कि इस फेहरिस्त में महिंद्रा एंड महिंद्रा सबसे आगे रही है. कंपनी इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के पक्ष में हमेशा रहने वाली महिंद्रा एन्ड महिंद्रा ने इस ओर 600 करोड़ रुपए का निवेश किया है. भारत में पेट्रोल और डीजल से चलने वाली गाड़ियों में मारुती सुजुकी, हुंडई, टाटा मोटर्स जैसी कंपनियां आगे है, किन्तु इलेक्ट्रिक व्हीकल सेगमेंट में कही से कही तक इनका नाम नहीं है. इलेक्ट्रिक कार के लिए नई टेक्निक पर काम करना पड़ेगा.

इसलिए मारुती सुजुकी भी इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए काम कर रही है. टोयोटा कंपनी ने भी देश में लीथियम-आयन का प्लांट लगा रही है ताकि आने वाले समय में इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड वाहनों से इसे रोल आउट किया जा सके.

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