मुजफ्फर नगर दंगे : आयोग ने कहा की सपा और बीजेपी के उम्मीदवारों ने भड़काए थे दंगे

Sep 24 2015 09:34 AM
मुजफ्फर नगर दंगे : आयोग ने कहा की सपा और बीजेपी के उम्मीदवारों ने भड़काए थे दंगे

लखनऊ. पश्चिमी यूपी के मुजफ्फरनगर में सितम्बर 2013 में हुए दंगों की जांच कर रहे जस्टिस विष्णु सहाय ने समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के स्थानीय उम्मीदवारों को दंगा भड़काने का दोषी माना है. इलाहाबाद हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस विष्णु सहाय को दंगों की जांच के लिए अखिलेश सरकार ने आयोग का मुखिया बनाया था. आपको बता दे की 2013 में हुए इन दंगों में 60 से भी ज्यादा लोग मारे गए थे और लगभग 50,000 लोग अपने घर से बेघर हो गए थे. सहाय आयोग ने 775 पेज की अपनी इस रिपोर्ट में स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को लापरवाही और चूक का जिम्मेदार बताया है. उन्होंने कहा की लापरवाही के कारण दंगे की स्थिति बनी और हिंसा हुई.

आयोग ने उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाइक को भी रिपोर्ट सौंप दी है. रिपोर्ट में क्या लिखा है, इसका ब्योरा अभी सार्वजनिक तो नहीं किया गया है, पर सूत्रों के अनुसार आयोग ने समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के नेताओं को दंगे भड़काने का दोषी माना है. आयोग का मानना है कि दोनों दलों के नेताओं के कारण ना केवल मुजफ्फरनगर, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 5 जिलों में भीषण हिंसा भड़क उठी थी. आयोग ने जनता और राजनैतिक पार्टियों के 377 गवाहों का भी बयान दर्ज कराया हैं. इसके 100 सरकारी अधिकारियों के भी बयान दर्ज किए गए हैं. जस्टिस सहाय ने इस दंगे की जांच के सिलसिले में तत्कालीन डीजीपी देवराज नागर, मेरठ के आईजी और डीआईजी और जिला मजिस्ट्रेट के साथ-साथ सभी 5 दंगा पीडि़त जिलों के एसपी से भी पूछताछ की है.