आतंकी हमलों में सैनिकों की जान बचाएगा ये दवा, DRDO ने बनाया ‘कॉम्बैट कैजुएलिटी ड्रग’

Mar 12 2019 07:45 PM
आतंकी हमलों में सैनिकों की जान बचाएगा ये दवा, DRDO ने बनाया ‘कॉम्बैट कैजुएलिटी ड्रग’

नई दिल्ली: गंभीर रूप से जख्मी सुरक्षा कर्मियों में से 90 फीसद कुछ घंटे में दम तोड़ देते हैं. इसे ध्यान में रखते हुए डीआरडीओ की चिकित्सकीय प्रयोगशाला ने ‘कॉम्बैट कैजुएलिटी ड्रग’ का निर्माण किया है, जिससे जख्मी जवानों को अस्पताल में पहुंचाए जाने से पहले तक के बेहद नाजुक समय को बढ़ाया जा सके, जिसे जख्मी जवानों की जान बचाने के हिसाब से ‘गोल्डन’ समय कहा जाता है. 

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वैज्ञानिकों ने दवा की जानकारी देते हुए बताया है कि इन दवाओं में रक्तस्राव वाले घाव को भरने वाली दवा, अवशोषक ड्रेसिंग और ग्लिसरेटेड सैलाइन शामिल हैं. ये सभी वस्तुएं जंगल, अत्यधिक ऊंचाई वाले इलाकों में युद्ध और आतंकवादी हमलों की स्थिति में सैनिकों का जीवन बचा सकती हैं. वैज्ञानिकों ने 14 फरवरी को पुलवामा में हुए आत्मघाती आतंकवादी हमले का जिक्र किया जिसमें CRPF के 44 जवान शहीद हो गए थे. 

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वैज्ञानिकों ने कहा है कि इन दवाओं से मृतकों की संख्या में कमी लाइ जा सकती है. डीआरडीओ की प्रयोगशाला इंस्टीट्यूट आफ न्यूक्लियर मेडिसिन एंड अलाइड साइंसेस में दवाओं का निर्माण करने वाले वैज्ञानिकों के मुताबिक घायल होने के बाद और अस्पताल पहुंचाये जाने से पूर्व यदि घायल को प्रभावी प्राथमिक उपचार दे दिया जाए तो उसके जीवित बचने की संभावना ज्यादा होती है.

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