ताश के पत्तों की तरह गिर रहे स्टॉक मार्केट, गहरा सकता है वित्तीय संकट

दुनियाभर के लोगों को कोरोना वायरस ने अपने चपेट में ले लिया है. इस वायरस की वजह से दुनिया भर के बाजार ताश के पत्तों की तरह गिर रहे हैं. भारत का इक्विटी बाजार भी इससे अलग नहीं है. हालांकि, बिकवाली कुछ सप्ताह पहले ही शुरू हो गई थी, लेकिन विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा कोरोना को वैश्विक महामारी घोषित करने के बाद हड़कंप की स्थिति बन गई और बडे़ पैमाने पर बिकवाली शुरू हो गई. इस तरह की बिकवाली बाजार में 2008 के वित्तीय संकट में देखी गई थी, लेकिन इस बार की बिकवाली थोड़ा डराने वाली है, क्योंकि इसके साथ अनिश्चिता जुड़ी हुई है. 

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इसके अलावा जब वित्तीय और आर्थिक संकेतों का विश्लेषण कर लिया जाए तो निवेशक किसी कारण से होने वाले ऐसे दौर को समझ सकते हैं, लेकिन इतने बडे़ पैमाने के स्वास्थ्य संकट के बारे में हम में से कोई नहीं जानता. हम भारत सहित पूरी दुनिया में सरकार की ओर से दी जा रही कुछ राहत को देख रहे हैं. इससे बाजार को कुछ सहायता मिल सकती है. लेकिन हर गुजरते दिन के साथ कोरोना वायरस का संकट जिस तरह गहरा रहा है, उसे देखते हुए यह अनुमान लगाना बहुत कठिन है कि बाजार में सुधार कैसे आएगा. इस प्रभाव को खत्म होने में कुछ सप्ताह और महीने भी लग सकते हैं, लेकिन तब तक निवेशकों के मन में उनके मौजूदा निवेश और भविष्य की निवेश योजनाओं के बारे में सवाल उठते रहेंगे.

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आपकी जानकारी के लिए बता दे कि ज्यादातर निवेशकों और बाजार से नियमित तौर पर जुड़े रहने वाले निवेशकों को भी हाल में अपने निवेश के कुल मूल्य में कमी या घाटा हुआ होगा, ऐसे हालात में हम उन्हें यह सलाह देंगे कि शांत बैठें और किसी भी तरह निवेश के निर्णय से पहले तार्किक ढंग से विचार करें. पहला कदम तो यह होना चाहिए कि अपने पोर्टफोलियो को देखिए और इसे उचित ढंग से फिर से संतुलित कीजिए. 

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