सुप्रीम कोर्ट के लिए कोलेजियम ने किए चार जजों के नाम प्रस्तावित

नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट की कोलेजियम ने चार नए जजों के नाम शीर्ष अदालत के लिए प्रस्तावित किए है। इनमें से तीन हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस है और एक सीनियर लॉयर है। करीब एक साल बाद ऐसा हुआ है कि कोलेजियम ने जजों की नियुक्ति के लिए सिफारिश की है। इससे पहले सिफारिश नेशनल जस्टिस कमीशन द्वारा की गई थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने नामंजूर कर दिय़ा था। उधर उतराखंड हाई कोर्ट के जज का ट्रांसफर आंध्र प्रदेश कर दिया गया है।

ये वही जज है, जिन्होंने उतराखंड से राष्ट्रपति शासन को हटाया था। इस फैसले पर दिल्ली के सीएम व एक सीनियर लॉयर द्वारा सवाल उठाए गए है। जिन चार जजों के नाम सुप्रीम कोर्ट के लिए प्रस्तावित किए गए है, उनमें मध्य प्रदेश हाइकोर्ट के चीफ जस्टिस एएम खानविलकर, इलाहबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डीवाय चंद्रचूड़ और केरल हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस अशोक भूषण का नाम शामिल है।

सीनियर लॉयर और पूर्व एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एल. नागेश्वर राव को भी जज बनाए जाने की सिफारिश की गई है। उतराखंड हाइ कोर्ट के चीफ जस्टिस के एम जोसेफ को आंध्र प्रदेश व तेलंगाना हाइ कोर्ट का चीफ जस्टिस बनाया जा रहा है। इस पर वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा जय सिंह का कहना है कि यह ज्यूडिशियरी की आजादी की मौत है।

अपने ट्वीट में उन्होने कहा कि हमारी ज्यूडिशियरी में आस्था खो गई है। उतरांचल के जज ने सरकार के खिलाफ फैसला सुनाया तो उनका ट्रांसफर कर दिया गया। जयसिंह ने आगे लिखा कि वो जज जो केंद्र सरकार के खिलाफ फैसले सुनाते हैं उनको ट्रांसफर क्यों किया जाता है।

पहले जस्टिस शकधर जिन्होंने प्रिया पिल्लई मामले में फैसला सुनाया था, उनको ट्रांसफर किया गया और अब जस्टिस मैथ्यू। जिन्होंने उत्तरांचल पर फैसला सुनाया। इसके बाद केजरीवाल ने भी ट्वीट किया कि यह ज्यूडिशियरी की आजादी पर गंभीर सवालिया निशान है।

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