असम में 4900 करोड़ रुपये के कोयले का अवैध खनन कोल इंडिया की सहायक कंपनी: जांच पैनल

 

कोल इंडिया की सहायक कंपनी नॉर्थ ईस्टर्न कोलफील्ड्स को असम में संदिग्ध अवैध कोयला खनन का दोषी पाया गया है।

 रिपोर्ट के अनुसार, नॉर्थ ईस्टर्न कोलफील्ड्स ने कथित तौर पर खनन अधिकार प्राप्त किए बिना 4872 करोड़ रुपये का कोयला निकाला। असम सरकार द्वारा जुलाई 2020 में असम के डिगबोई वन प्रभाग में अवैध खनन के दावों की जांच शुरू करने के बाद न्यायमूर्ति बीपी कटके के एक सदस्यीय आयोग की स्थापना की गई थी।

देहिंग पटकाई हाथी अभ्यारण्य में डिगबोई वन प्रभाग शामिल है। बीपी कटके आयोग ने सिफारिश की कि असम सरकार नॉर्थ ईस्टर्न कोलफील्ड्स से कुल धन एकत्र करे। पैनल के निष्कर्ष के अनुसार, नॉर्थ ईस्टर्न कोलफील्ड्स ने उन क्षेत्रों से लगभग 4900 करोड़ रुपये का कोयला लिया है, जहां उसके पास 2003 से खनन अधिकार नहीं हैं। इन स्थानों पर कंपनी की खनन गतिविधियां अवैध थीं। रिपोर्ट जारी रही, "भारत सरकार द्वारा प्रदान की गई उक्त चरण- I की मंजूरी 1980 के अधिनियम की आवश्यकताओं के कथित उल्लंघन पर बड़ी है।"

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