शिक्षा की फैक्ट्री न लगाऐं कोचिंग संचालक

जयपुर: राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया ने कोटा के कोचिंग संस्थान में अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों में मानसिक तनाव पर चिंता जताई. ऐसे में उन्होंने कहा कि कोचिंग संस्थानों के संचालक इस तरह की संस्थाओं को शिक्षा की फैक्ट्री न बनाने की बात कही. इस मामले में वसुंधरा राजे सिंधिया ने कहा कि सरकार शिक्षा के मामले में बेहद गंभीर है. कोचिंग संस्थानों की जिम्मेदारी सरकार ने ही ली है। बच्चों को संस्कारयुक्त शिक्षा देने के ही साथ काउंसलिंग किए जाने की सलाह भी सरकार ने दी है. सरकार ने यह जताया है कि सरकार शिक्षा को लेकर होने वाले किसी भी तरह के तनाव को बने रहना नहीं देना चाहती है।

मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया ने कहा कि जो बच्चे कोटा में अध्ययन कर रहे हैं उनसे अपील की जा रही है कि वे कोचिंग संचालकों और कोटावासियों का आह्वान कर सकते हैं। इस तरह से बच्चों को प्यार और अपनेपन का माहौल प्रदान किया जाए। दरअसल इस तरह के बच्चे देश का भविष्य हैं यहां पर अध्ययन कर देश और दुनिया में उनका नाम उज्जवल किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि विकास कार्यों में धन की कमी आड़े नहीं आएगी। आखिर जनता से जो वायदे किए गए हैं वे 72 प्रतिशत तक पूर्ण हो गए हैं। जो काम बचा है वह प्रगति पर है।

वसुंधरा राजे ने कहा कि चंबल-बून्दी पेयजल परियोजना इस वर्ष के अंत तक पूर्ण हो जाएगी. इस मामले में कहा है कि बाकि कार्य प्रगति पर है। राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया ने कहा कि चंबल-बून्दी पेयजल परियोजना इस वर्ष में आखिर तक पूर्ण हो जाएगी. इस परियोजना के पूर्ण हो जाने के बाद बंदूवासियों को चंबल नदी का जल उपलब्ध हो जाएगा। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया ने यह भी कहा कि किसानों को प्रशिक्षण दिया जाएगा

जिससे उनकी फसलें और अच्छी हो पाऐं राज्य में कोटा-दरा मार्ग का निर्माण जल्द पूरा होगा. उन्होंने मोडक सड़क पर आरओबी, 3 करोड़ रूपए की लागत से कोटा में संभागीय खनिज भवन, 2.50 करोड़ रूपए की लागत से एमबीएस चिकित्सालय परिसर में एएनएम प्रशिक्षण केंद्र का लोकार्पण भी किया।

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