बीजेपी वीर सावरकर और महात्मा गांधी दोनों ही को नहीं समझ सकी है: CM ठाकरे

मुंबई: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने बीते कल यानी शुक्रवार को बीजेपी की जमकर आलोचना की. जी दरअसल स्वतंत्रता सेनानी विनायक दामोदर सावरकर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की एक टिप्पणी आई और उसके बाद से विवाद गर्म हो गया था. अब इसी मुद्दे पर सीएम उद्धव ठाकरे बीजेपी पर हमलावर हैं. बीते कल उन्होंने शिवसेना की वार्षिक दशहरा रैली में कहा, 'बीजेपी वीर सावरकर और महात्मा गांधी दोनों ही को नहीं समझ सकी है. बीजेपी आज अमृत महोत्सव (Amrit Mahotsav) की बात कर रही है. लेकिन आज कल के छोटे लोग सावरकर और गांधी जी पर बात कर रहे हैं.'

इसी के साथ उन्होंने कहा, 'इन लोगों को खुद से पूछना चाहिए कि इन्होंने स्वतंत्रता के लिए क्या किया. जैसे स्वतंत्रता की लड़ाई में दोनों का कोई लेना-देना ही नहीं था. जोर-जोर से नारे लगाने वाले देशभक्तों को पीछे मुड़कर देखना चाहिए कि इन लोगों ने देश की स्वतंत्रता के लिए क्या किया था.'

क्या कहा था रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने - जी दरअसल उन्होंने कहा था, 'सावरकर ने अंग्रेजों से माफ़ी महात्मा गांधी के कहने पर मांगी. अंडमान के सेलुलर जेल में बंद रहने के दौरान महात्मा गांधी ने वीर सावरकर को ब्रिटिश सरकार को दया याचिका भेजने की सलाह दी थी.' उनकी इसी टिप्पणी के बाद से बहस शुरू हो गई और अब बीते कल मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने भी इस पर अपना पक्ष रखा. इस समय राजनाथ सिंह के दावे के बाद पक्ष और विपक्ष में ठन गई है. अब कुछ कह रहे हैं कि लंबे समय तक जेल में रहने वाले और जज के सामने भी नहीं झुकने वाले गांधी ने कभी माफी नहीं मांगी तो दूसरे को माफी मांगने के लिए कैसे कह सकते हैं. वहीं कुछ कह रहे हैं कि साल 1915 में जब महात्मा गांधी वतन वापस लौटे थे, तब तक सावरकर दो बार- 1911 और 1913 में दया याचिका दायर कर चुके थे, तो उन्होंने गांधी के कहने पर कैसे माफी मांगी?

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