सिंहस्थ के लिए अन्न-धन की कमी नहीं आने दी जाएगी

उज्जैन : मध्यप्रदेश के धार्मिक पर्यटन नगर उज्जैन में प्राकृतिक आपदा से सिंहस्थ 2016 के आयोजन में काफी मुश्किलें आईं। इस दौरान जहां करीब 7 लोगों की मौत हो गई वहीं 60 लोग घायल बताए जा रहे हैं। आपदा प्रबंधन का कार्य तेजी से चल रहा है। आपदा की इस घड़ी में एनडीआरएफ, होमगार्ड, सेना, प्रशासन और पुलिस के ही साथ स्वयं सेवी संगठनों के कार्यकर्ता मेला क्षेत्र की व्यवस्थाऐं जुटाने में लगे हैं।

सिंहस्थ क्षेत्र में बारिश और तेज़ हवा से नुकसान होने को लेकर राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आज तड़के 4 बजे उज्जैन पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों से भेंट की और शासकीय चिकित्सालय जाकर घायलों से भेंट की। इस दौरान उन्होंने उनकी घबराहट को कम किया। शिवराज यहां लोगों के बीच भी पहुंचे और उनकी जल सेवा कर कहा कि सिंहस्थ के इंतजाम जल्द दुरूस्त होंगे। 

इस दौरान मुख्यमंत्री शिवराज ने कहा कि सिंहस्थ मेले में पूरा स्टाफ लगा हुआ है। सभी मुस्तैदी से कार्य कर रहे हैं। रूद्रसागर में तो बारिश का पानी निकाल लिया गया है। घाट की सभी व्यवस्थाऐं सुचारू कर दी गई हैं। जोरदार बारिश और तेज हवा के चलते टेंट भी गिर गए।

उखड़े हुए टेंट को फिर से खड़ा करने का कार्य किया जा रहा है। सीएम शिवराज का कहना था कि वे पूरी अंतरात्मा से सिंहस्थ महापर्व का कार्य कर रहे हैं। जो भी नुकसान हुआ वह दुर्भाग्यपूर्ण है। घायलों को उपचार दिया जा रहा है । लोगों के लिए अन्न और धन की कमी नहीं आने दी जाएगी। शिप्रा के तट पर स्नान व पूजन हो रहा है। 

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