पाकिस्तान का आर्थिक भविष्य है चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा - जनरल बाजवा

Sep 12 2018 01:54 PM
पाकिस्तान का आर्थिक भविष्य है चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा - जनरल बाजवा

इस्लामाबाद: पाकिस्तान को एशियाई देशों में सिर्फ चीन का ही समर्थन प्राप्त है, अन्य देश पाकिस्तान का बहिष्कार कर चुके हैं, ऐसे में पाकिस्तान के पर चीन की जी-हुजूरी और चाटुकारिता करने के अलावा कोई दूसरा चारा नहीं है, क्योंकि पाक चीन के क़र्ज़ के बोझ तले दब चुका है. हाल ही में चीन के राजदूत याओ जिंग ने रावलपिंडी आकर पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल कमर बाजवा से मुलाकात की. इस मुलाकात के बाद बाजवा ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) पाकिस्तान का आर्थिक भविष्य है. 

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पाकिस्तान सरकार के आधिकारिक ट्विटर खाते पर एक बयान में लिखा गया है, "सेना प्रमुख जनरल कामर जावेद बाजवा ने दोहराया है कि चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा पाकिस्तान का आर्थिक भविष्य है और इसकी सुरक्षा कभी समझौता नहीं की जाएगी, वह रावलपिंडी में चीनी राजदूत याओ जिंग से बात कर रहे थे." मंगलवार को, यह बताया गया था कि इमरान खान की अगुवाई वाली पाकिस्तान सरकार सीपीईसी परियोजना के तहत समझौते पर जोर दे रही थी.

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यूके की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए शीर्ष अधिकारियों ने कहा कि पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) सरकार बेल्ट और रोड इनिशिएटिव (बीआरआई) के सौदों की समीक्षा करने और लगभग एक दशक पहले किए गए व्यापार समझौते पर दोबारा बातचीत करने की तलाश करेगी. पाकिस्तान और चीन के बीच चार घंटे तक चली इस बैठक में चीन के उपाध्यक्ष निंग जीझे ने मौजूदा सीपीईसी परियोजनाएं में सामाजिक क्षेत्र और क्षेत्रीय विकास योजनाओं को जोड़ने का फैसला किया है, जिसमे दोनों पक्षों ने सहमति जताई है.

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