जैश-ए-मोहम्मद से चीन को डर, आखिर क्या है वजह

नई दिल्ली: पूरी दुनिया को दरकिनार कर आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को बचाने का काम चीन क्या केवल अपने दोस्त पाकिस्तान के लिए कर रहा है? वैसे तो चीन दलील देता रहा है कि वो 1267 कमिटी की वैधता और प्रामाणिकता को कायम रखना चाहता है लेकिन असली कारण कुछ और ही हैं. 

2018-19 में रिकॉर्ड तोड़ेगा देश का वस्तु निर्यात स्तर

दरअसल, चीन दक्षिण एशिया में अपने चिर परिचित दोस्त पाकिस्तान का बचाव करने से अधिक अपने आर्थिक हितों को साधने में लगा हुआ है. चाइना-पाकिस्तान इकनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) चीन की महत्वाकांक्षी योजना बेल्ट ऐंड रोड (BRI) का महत्वपूर्ण अंग है. BRI के तहत चीन सड़क, रेल और समुद्रीय मार्ग से एशिया, यूरोप और अफ्रीका में अपनी पकड़ बनाएगा. चीन को अगले एक सप्ताह के अंदर मसूद अजहर पर फैसला करना है, ऐसे में उसे एक अलग चिंता सता रही है. चीन को भय है कि आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के खिलाफ किसी भी फैसले से उसका बेहद महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट चाइना-पाकिस्तान इकनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) को प्रभावित कर सकता है. चीन का CPEC प्रोजेक्ट पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) से होकर गुजरता है जो जैश-ए-मोहम्मद का शिकार बन सकता है.

डॉलर के मुकाबले रुपये में नजर आई 26 पैसे की कमजोरी

इकनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर पर प्रतिबन्ध लगाने के प्रस्ताव पर समर्थन देने पर विचार कर रहा है, किन्तु इसके साथ ही पाकिस्तान से सुरक्षा गारंटी सुनिश्चित करने का भी प्रयास कर रहा है.

खबरें और भी:-

HONOR के इन फोन को खरीदने के लिए लगी कतार, मिल रहा छप्पड़फाड़ डिस्काउंट

सेंसेक्स की सुस्त शुरुआत, गंवाई चार दिन की बढ़त

महिला दिवस के मौके पर 44 नारियों को राष्ट्रपति के हाथों मिलेगा सशक्तिकरण पुरस्कार

- Sponsored Advert -

Most Popular

- Sponsored Advert -