स्वस्थ रहने के लिए यहाँ किया जाता है चिल्ली अभिषेक

भारत परम्पराओं वाला देश है, जहाँ पर तरह तरह की और अजीबो गरीब परमपरा निभाई जाती है. कुछ ऐसी जिन्हे जानकर हम चौंक जाते हैं. ऐसी ही एक और परम्परा के बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं जिसके बारे में जानकर आपकी आँखों से आंसू आ जायेंगे. आइये बताते हैं उसके बारे में. आपने हर तरह के अभिषेक के बारे में सुना होगा लेकन कभी चिली अभिषेक के बारे में ना सुना होगा ना जाना होगा. लेकिन एक ऐसी परंपरा है जहाँ पर चिली से अभिषेक किया जाता है. ये बात सुनकर आप भी हैरान रह गए होंगे, लेकिन ये सच है.

दरअसल, वर्नामुत्तु मरियम्मन मंदिर जो तमिलनाडु के सबसे बड़े जिले वेलुप्पुरम में विश्व प्रसिद्ध ऑरोविले इंटरनेशनल टाउनशिप (सिटी ऑफ डॉन) के पास एक गांव इद्यांचवाडी में स्थित है. यही पर मनाया जाता है चिली का ये त्यौहार जो पुरे 8 दिनों तक चलता है. इसमें लोगों के अच्छे स्वास्थ्य की कामना के लिए एक भव्य पूजन और प्रार्थना का आयोजन किया जाता है, जिसमें हजारों लोग शामिल होते हैं. दूर दूर से लोग आते हैं यहाँ पर इस त्यौहार को मनाने जिसमे विदेश से पर्यटकों की संख्या अधिक होती है.

इसमें एक अनोखी परम्परा ‘चिली अभिषेक’ को निभाया जाता है. इस पूजन में इस परम्परा के लिए मंदिर की ट्रस्ट में शामिल तीन बड़े लोग आते हैं उन्हें पूजा स्थल पर बैठाया जाता है और उनका मुंडन करते हुए पुजारी उन तीनों को भगवान मानकर 108 सामग्रियों से अभिषेक करते हैं. ये अभिषेक 108 सामग्रियों से बना होता है जिसमे मिर्च का लेप भी शामिल है.

पहले तो तीनों को मिर्च का ये लेप खिलाया जाता, उसके बाद में ऊपर से लेकर नीचे तक इसी लेप से उनका अभिषेक किया जाता. इस पर लोगों का कहना है ये रिवाज पिछले 85 वर्षों से चला आ रहा है. य्ये इसलिए किया जाता है ताकि उन्हें कोई रोग ना हो और वो हमेशा स्वस्थ रहे.

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