बेसिक शिक्षा मंत्री के इंतज़ार में भूख से रोये बच्चे

उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले की बेसिक शिक्षा मंत्री अनुपमा जायसवाल लगातार विवादों में आ रही है अब रात्रि प्रवास के कार्यक्रम के दौरान उनके स्वागत के लिए स्कूली बच्चों को भूखा रहना पड़ा जिससे बच्चे रोते बिलखते देखे गए कई बच्चों को खाना नहीं मिला.  अनुपमा जायसवाल ने जांच की बात कह कर मांमले से पल्ला झाड़ लिया है मगर अपनी लेटलतीफी पर कोई सफाई नहीं दी. बहराइच में शुक्रवार रात सूबे की  बेसिक शिक्षा मंत्री अनुपमा जायसवाल विधानसभा के इटौंझा गांव के प्राथमिक विद्यालय में जिले के सभी विभागीय अधिकारियों संग चौपाल और रात्रि प्रवास के कार्यक्रम में शामिल हुईं. उनके स्वागत में बच्चे रत आठ बजे तक तरसते रहे और भूख से रोते पाए गए 

बच्चों से बात करने पर उनका कहना था कि स्कूल की मैडम ने उन्हें बुलाया था. अब ऐसे में मंत्री के कार्यक्रम को बेहतर बनाने के लिए प्राथमिक विद्यालय  के बच्चों को वहां बुला तो लिया गया लेकिन किसकी सुरक्षा में वहां बुलाया गया और आखिर क्यों? इन सवालों का जवाब जब बेशिक शिक्षा मंत्री अनुपमा जायसवाल से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि जिसने भी ऐसा किया है, उसे इसकी पूरी जिम्मेदारी लेनी पड़ेगी और उसके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा.

बता दें कि हाल ही में अपने बयान को लेकर अनुपमा जायसवाल काफी चर्चा में रहीं. बीजेपी नेताओं के दलितों के घर जाकर भोजन करने का सिलसिला जारी है, इसी के साथ पार्टी को तमाम विवादों का भी सामना करना पड़ रहा है. हाल ही में योगी सरकार में मंत्री अनुपमा जायसवाल ने कहा कि रात भर मच्छर काटने के बावजूद भी मंत्री गांवों में जा रहे हैं. हालांकि बाद में उन्होंने अपने इस बयान पर सफाई देते हुए कहा, 'मुझसे पूछा गया था कि दलितों के घर जाने के दौरान हम लोग मच्छरों से दूर रहने के लिए एसी या कूलर का इस्तेमाल करते हैं और बाहर से भोजन मंगवाते हैं. इसके जवाब में मैंने कहा कि यह सच नहीं है और हम भी उसी हालात में रहते हैं जिसमें यह लोग रहते हैं, फिर चाहे हमें मच्छर ही क्यों न काटें.'

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