नितीश कुमार के सुशासन में पढाई की जगह बच्चे स्कूल में लगाते हैं झाड़ू-पोछा

हापुड़: एक तरफ जंहा उत्तर प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री नितीश कुमार के सुशासन का लोग ढिंढोरा पीटते है वही दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश के जनपद हापुड़ में सरकार की योजनाओं का सरकारी प्राथमिक विद्यालयो की पोल खुलकर सामने आई है। जिन हाथो में कलम और किताब होना चाहिए उन मासूम हाथो में झाड़ू थमा दी गई है। यहां मासूम बच्चों के भविष्य के साथ पढाई के नाम पर खिलवाड़ किया जा रहा है । जानकारी के अनुसार नितीश सरकार जहां एक तरफ गरीब मासूम बच्चों की अच्छी शिक्षा के लिए ढिंढोरा पिटती है वही दूसरी और सरकारी प्राथमिक विद्यालय की इस करतूत से बेखबर है। वह तो बस कुर्सी पर बैठकर आराम फरमाते है फिर चाहे बच्चो का भविष्य अंधकार में जाए।

मामला हापुड़ के सरकारी स्कूल का है जंहा छोटे छोटे मासूम बच्चों को पढने के बजाए उनसे सफाई करवाई जाती है। इस मामले में जब विद्यालय की प्रधानाचार्य से बात की गई तो उन्होंने जो कहा वह तो और भी शर्मनाक है। उन्होंने बताया की स्कूल में कोई सफाई कर्मचारी नही है सफाई बच्चों से नही कराएं तो किस से कराएं। अब आप यही से अंदाज़ा लगा सकते है नितीश कुमार के सुसाशन का जंहा लापरवाह शिक्षक सरेआम बच्चो के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे है।

आगे की कहानी तो और भी दर्दभरी है जिस दौरान बच्चे स्कूल में झाड़ू लगा रहे थे तब प्रिंसिपल मोहतरमा बड़े ही आराम से कुर्सी पर बैठकर उन्हें सफाई करते देख रही थी और अपने प्रिंसिपल होने का रौब झाड़ रही थी। क्या यही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का सुशासन है जंहा मासूम बच्चो के हाथ में कलम की जगह झाड़ू थमा दिया जाता है। चुनाव के समय तो जनता के सामने बड़े बड़े वादे करते है लेकिन जब बात शिक्षा के स्तर की आती है तो नितीश कुमार की खोखली राजनीति की पोलखुलकर सामने आती है।

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