यहां पानी को साक्षी मानकर भाई-बहन की करवा दी जाती है शादी

इस विशालकाय दुनिया में शादी को लेकर कई सारी परम्पराएं निभाई जाती हैं. हमारे देश की ही बात करे तो यहां भी हर राज्य में शादी के अलग-अलग रीति-रिवाज होते हैं. कई बार तो शादी के बारे में कुछ ऐसी अजीबोगरीब परंपरा सुनने में आती हैं जिसके बारे में जानकर आप भी हैरान हो जाएंगे. आज हम आपको एक ऐसी ही परंपरा के बारे में बता रहे हैं. छत्तीसगढ़ में बस्तर की कांगेरघाटी के पास बसे धुरवा समाज में शादी को लेकर एक अनोखी परंपरा निभाई जाती हैं जिसके बारे में बहुत ही कम लोग जानते हैं.

इस इलाके में भाई-बहन की ही आपस में शादी करवा दी जाती हैं. सुनकर आप भी हैरान हो गए ना लेकिन ये सच है. इससे भी ज्यादा हैरानी वाली बात तो ये है कि भाई-बहन की शादी अग्नि को साक्षी मानकर नहीं बल्कि पानी को साक्षी मानकर की जाती है. इस समाज में लोग अपनी बेटी की शादी किसी ममेरे या फुफेरे भाई से करवा देते है. इतना ही नहीं बल्कि अगर कोई शादी करने के लिए मना भी कर देता है तो उससे जुर्माना भी वसूला जाता है.

इस समाज में लड़कियों की उम्र 18 साल और लड़को की उम्र 21 साल होते ही उनकी शादी कर दी जाती है. ये परंपरा यहां कई सालों से चलती आ रहीं हैं. कुछ लोगों ने इसका विरोध भी किया था लेकिन फिर भी यहां के लोग अब तक इस परंपरा को निभा रहे हैं. हालांकि धीरे-धीरे ये परंपरा ख़त्म होती जा रहीं हैं.

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