चव्हाण ने कांग्रेस -राकांपा के गठबंधन पर ज़ोर दिया

नई दिल्ली : महाराष्ट्र विधान सभा में अपनी सत्ता हासिल करने के लिए महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि राज्य में कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के बीच गठबंधन की जरूरत है. यदि दोनों अलग -अलग लड़े तो हार का खतरा बढ़ जाएगा. इसलिए दोनों दलों के नेतृत्व को त्याग करना होगा तभी भाजपा को रोका जा सकता है.महाराष्ट्र में दोनों के सामने कोई विकल्प नहीं है. दोनों को साथ आना होगा.

उल्लेखनीय है कि कांग्रेस के 84वें महाधिवेशन से अलग एक चर्चा में राज्य में कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के बीच गठबंधन पर उन्होंने कहा कि सीटों के तालमेल को लेकर दोनों पार्टियों के बीच कुछ अड़चनें हैं, जिन्हें दूर करने के लिए दोनों के नेतृत्व को परिपक्वता दिखानी होगी.भाजपा-शिवसेना गठबंधन को लेकर चव्हाण ने इसे नाटक बताते हुए कहा कि भाजपा शिवसेना का साथ नहीं छोड़ेगी और चुनाव के समय किसी न किसी तरह उसे साथ ले लेगी ताकि हिंदुत्ववादी वोटों का बंटवारा न हो.

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2014 के महाराष्ट्र विधानसभा के चुनाव में कांग्रेस और राकांपा दोनों पार्टियां अलग लड़ी थीं और इसी के साथ दोनों का 15 वर्ष पुराना तालमेल टूट गया था. इधर कांग्रेस ने महाधिवेशन में शनिवार को राजनीतिक प्रस्ताव पारित किया जिसमें समान विचारधारा वाली पार्टियों से गठबंधन की पैरवी की गई है. पृथ्वीराज चव्हाण की यह नसीहत उसी संदर्भ में समझी जा सकती है.

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