जानिए मेहंदी के बदलते अंदाज

फैशन के इस दौर में आजकल बहुत कुछ तेजी से बदल रहा है और मेहंदी के रंग भी अब बहुरंगे हो गए हैं। दुल्हन की हथेलियों पर बहुत सुंदर आकृतियां बनाई जाती हैं आकृतियां में मंगल चिह्वों जैसे स्वास्तिक, मोर, फूलपत्तियों लोकशैली के चित्रों की भरमार होती हैं जो दुल्हन को और भी सुंदर बना देती है। अपने हिंदुस्तान मे मेहंदी लगाना एक परंपरा है कोई भी त्यौहार हो अधिकतर लोगो हाथ मे मेहंदी लगाते है, बदलते युग और ध्वस्त होती परंपराएं इस बात की प्रतीक हैं। 

कुशल और पेशेवर कारीगरों से मेहंदी लगवाना भी हमारी तहजीब में शामिल है। कारीगर मेहंदी लगाने का काम कुछ घंटों में और बडी आसानी से बहुत सुंदर मेहंदी लगा देते है और दुल्हन को 6-7 घंटे मे मेहंदी लगा देते है। पहले ये मेहंदी घर के चारदीवारी के भीतर रचाने की यह रस्म आजकल पूरी तरह से ब्यूटीपार्लरों के हाथों में चली गई है। 

मेहंदी का चलन दुनियाभर में कई सदियों से चला आ रहा है। सींक या बांस की खपच्ची से मेहंदी रचही जाती थी लेकिन अब ये गुजरे जमाने की बात हो चुकी है। कलाकरी इसे बेचते ही नहीं बल्कि कारपोरेट जगत की कलाबाजी भी शामिल हो गई है।

मेहंदी लगाने के लिए रेडीमेड प्लास्टिक के कोनों का इस्तेमाल होने लगा है, जिससे डिजाइनों को सही आकार आसानी से देने के साथ-साथ वक्त की भी बचत होती है।

मेहंदी के रंग को ज्यादा सुर्ख और डार्क बनाने के लिए अब मेहंदी में कत्था, केमिकलों और चायपत्ती का प्रयोग किया जाता है।

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