चंद्रयान-2: विक्रम लैंडर से संपर्क का अंतिम दिन आज, अगर अभी नहीं तो कभी नहीं....

Sep 20 2019 04:03 PM
चंद्रयान-2: विक्रम लैंडर से संपर्क का अंतिम दिन आज, अगर अभी नहीं तो कभी नहीं....

नई दिल्‍ली: चंद्रयान-2 मिशन के तहत चांद पर भेजे गए विक्रम लैंडर और प्रज्ञान रोवर से अभी तक भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के वैज्ञानिकों का संपर्क नहीं हो सका है. 22 जुलाई को लॉन्‍च किए गए चंद्रयान-2 मिशन के तहत 7 सितंबर को विक्रम लैंडर की चांद की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग कराई जानी थी. किन्तु चांद की सतह से कुछ ऊपर ही उससे संपर्क टूट गया था.

अब आज विक्रम लैंडर से संपर्क का आखिरी दिन है. यदि आज इसरो के वैज्ञानिक इसमें कामयाब नहीं हो पाए तो शायद उससे कभी संपर्क ना हो पाए. इसके पीछे की वजह है कि इसकी मिशन लाइफ केवल 14 दिन की थी, जो कि आज समाप्त हो रही है. 7 सितंबर की सुबह हार्ड लैंडिंग के साथ चंद्रमा की सतह पर पहुंचे लैंडर से संपर्क दोबारा साधने के प्रयासों को अब तक कोई कामयाबी नहीं हाथ लगी है. चंद्रमा के एक दिन की अवधि धरती के 14 दिन के सामान होती है. खगोलशास्त्री के मुताबिक सूर्य की रोशनी समाप्ति की तरफ है. आज दोपहर बाद पूरी तरह अंधकार में डूब जायेगा चंद्रमा का दक्षिण ध्रुव.

इसरो ने विक्रम लैंडर की कार्य करने की निर्धारित अवधि पहले 14 दिन निर्धारित की थी. अब सारा फोकस ऑर्बिटर पर है. अपने सभी निर्धारित लक्ष्यों को इसरो ऑर्बिटर द्वारा प्राप्त करेगा. ऑर्बिटर सौ प्रतिशत सही है. ऑर्बिटर में लगे सभी 8 पेलोड पूरी तरह से सक्रिय हैं. वे योजना के मुताबिक लगातार काम कर रहे हैं. 

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