चाणक्य नीति: आपका जीवन बर्बाद कर सकती हैं ये 4 गलतियां, जानें बचाव के उपाय

आचार्य चाणक्य को कुशल अर्थशास्त्री कहते हैं और उन्होंने अपने नीति ग्रंथ में राजनीति से लेकर गृहस्थ एवं अर्थशास्त्र से जुड़ी कई बातों का भी जिक्र किया है. आप सभी जानते ही होंगे उनकी नीतियां काफी व्यवहारिक हैं जो जीवन जीने की कला सिखाती हैं. वहीं चाणक्य ने जीवन के हर एक पहलू से संबंधित कई तरह की बातें बताईं हैं जिनका पालन करके आप अपनी लाइफ को बेहतर बना सकते हैं. आप सभी को बता दें कि चाणक्य नीति वर्तमान समय में भी जीवन के सही मायने, दुनियादारी और रिश्तों को परखने की सीख देती हैं. वहीं उन्होंने एक श्लोक के माध्यम से बताया है कि कोई भी व्यक्ति अगर इस तरह की गलतियां करता है तो इसका असर उनकी जिंदगी पर भी पड़ सकता है. आइए आपको बताते हैं इसके बारे में.


श्लोक - धर्म धनं च धान्यं च गुरोर्वचनमौषधम्. सुगृहीतं च कत्र्तव्यमन्यथा तु न जीवति..

धर्म कार्यों में भूल: आप सभी को बता दें कि आचार्य चाणक्य का कहना है अगर किसी व्यक्ति से धर्म से जुड़े कार्यों में कोई गलती हो जाती है तो उसे उस कार्य का फल नहीं मिलता है. इसी वजह से लोगों को कई बार बड़ी हानि भी झेलनी पड़ सकती है. 

दवा लेने में कोताही: चाणक्य के अनुसार किसी भी बीमारी से बचने हेतु ली जाने वाली दवाइयों के इस्तेमाल में अगर भूल हो जाए तो ये प्राण घातक भी साबित हो सकती है. इस वजह से किसी भी बीमारी से जुड़ी दवाई के इस्तेमाल से पहले उससे जुडी हर जानकारी जान लेनी चाहिए.

धन के इस्तेमाल में लापरवाही: चाणक्य का कहना है अगर धन को सही तरह से इस्तेमाल न किया जाए तो इंसान बर्बाद हो सकता है. इस वजह से हर इंसान को पैसों को सोच-समझकर खर्च करना जरुरी है.

गुरु के आदेश की अवमानना: चाणक्य की मानें तो शिक्षक और गुरु की बातों को नहीं मानने वालों को कष्ट भोगना पड़ता है. वहीं उनकी बातों को ना मानने वाले लोगों को जिंदगी में सुख की अनुभूति नहीं होती.

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