चमकता चाँद

By Rahul Savner
Sep 22 2015 03:56 AM
चमकता चाँद

जी मिल जाये वो नसीब होता है।

जो ढल जाये वो शुहानी शाम होती है।

जो खो जाये वो अहंकार है।

जो सिर्फ सपनो में आये,

वो मोहब्बत होती है।

हसते रहो तुम लाखो के बीच में |

जैसे कमल खिलता है खीचड़ के बिच में,

चमक हो आपकी इस दुनिया में सबसे अलग |

जैसे हजारो तारो के बीच चाँद चमकता रहता है |