जाट आरक्षण : राजनाथ सिंह ने की आंदोलनकारियों से शांति की अपील

Feb 20 2016 01:34 PM
जाट आरक्षण : राजनाथ सिंह ने की आंदोलनकारियों से शांति की अपील

नई दिल्ली : हरियाणा में जाट आरक्षण के चलते राज्य के ही साथ दिल्ली, गुड़गांव में बने विपरीत हालातों को लेकर केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने भी अपनी नज़र दौड़ाई। इस मामले में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने चर्चा की। उन्होंने जाट आंदोलनकारियों से कहा कि वे राज्य में शांति बनाकर रखें। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, वित्तमंत्री अरूण जेटली, रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर, केंद्रीय गृहराज्यमंत्री किरेन रिजिजू और चैधरी वीरेंद्र सिंह के साथ केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने इस आंदोलन के मसले पर बैठक ली। 

जाट आरक्षण का असर बेहद गर्मा गया है। जहां ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं वहीं मुनक नहर से पानी की सप्लाई बंद कर दी गई है जिससे दिल्ली में पानी की सप्लाई नहीं हो पा रही है, यही नहीं हरियाणा में एक स्टेशन को ही आंदोलनकारियों ने आग के हवाले कर दिया। जाट आंदोलनकारियों का आंदोलन तेज होने के साथ ही सेना ने कमान संभाल ली और कुछ क्षेत्रों में कफ्र्यू तक लगा दिया गया। रोहतक, हिसार, कैथल, जींद, पानीपत, सोनीपत सहित 9 शहरों में सेना ने फ्लैग मार्च किया है।

हालांकि आंदोलनकारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। इसके पहले आंदोलन के उग्र होने के कारण पुलिस ने फायरिंग कर दी थी जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने इन मौतों पर दुख जताया है। उन्होंने काह कि आंदोलनकारी शांति बनाए रखें। इस मसले का समाधान चर्चा से निकाला जा सकता है। दूसरी ओर कुरूक्षेत्र के सांसद राजकुमार सैनी ने अपने बयान को वापस ले लिया है।

उन्होंने कहा था कि जाटों को आरक्षण दिया गया तो वे इस्तीफा दे देंगे लेकिन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के आश्वासन के बाद मंत्री राजकुमार सैनी ने अपना आंदोलन वापस ले लिया। दूसरी ओर राज्य सरकार ने इस आंदोलन के मसले पर समिति बनाने की घोषणा की है। यह समिति 31 मार्च तक अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। दूसरी ओर जाटों ने शनिवार को दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रदर्शन करने की बात कही है।

उनका कहना था कि दिल्ली विश्वविद्यालय में जाट आरक्षण आंदोलन समिति के माध्यम से आंदोलन किया जाएगा। इसके पूर्व विभिन्न विश्वविद्यालयों में जाट युवाओं द्वारा इस समिति के नेतृत्व में प्रदर्शन किया गया और आरक्षण की मांग की गई। युवा इंटरनेट, मोबाईल पर इस मामले में संदेश भेज रहे हैं और युवाओं से आंदोलन में भागीदारी करने की अपील कर रहे हैं।