गौहत्या सांस्कृतिक नहीं आस्था का सवाल

नई दिल्ली : भारत के गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने गौहत्या प्रतिबंध को लेकर आयोजित कार्यक्रम में उपस्थितों को संबोधित किया। उन्होंने गौहत्या को लेकर कहा कि गौ हत्या पर तो मुगलकाल में भी प्रतिबंध लगा था। मुगलकाल में बहादुरशाह जफर, अकबर और जहांगीर के समय में भी रोक लगाई गई थी। वैदिक काल में तो यह प्रतिबंधित था ही। उनका कहना था कि बाबरनामा में लिखा गया है कि यदि भारत पर शासन करना है तो फिर आपको गौहत्या रोकना होगी।

केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि इस गौहत्या के मसले पर राज्यों को विश्वास में लेने की आवश्यकता है। केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यह आस्था का मसला है। कई राज्य तो इस मामले में अपनी ओर से रोक लगा चुके हैें जबकि कुछ राज्यों से इस मामले में चर्चा करने की जरूरत है। दरअसल आर्थिक, ऐतिहासिक और वैज्ञानिक संदर्भ में भी गौहत्या को रोकने को लेकर मंथन करने की जरूरत है।

भारत की सीमा के पार बांग्लादेश में गाय की तस्करी को रोकने का प्रयास भारत सरकार ने किया है मगर सीमा पर पूरी तरह से रोक लगाना कुछ मुश्किल है क्योंकि सीमा क्षेत्र फैला हुआ है मगर फिर भी इस दिशा में सरकार प्रयास कर रही है कि गाय की तस्करी रोकने में उसे पूरी सफलता मिल जाए। गौ हत्या को लेकर उन्होंने कहा कि कहा कि राज्यों से इस मामले में चर्चा कर एक राय बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

- Sponsored Advert -

Most Popular

- Sponsored Advert -