नई सम्पत्तियाँ बेचने की तैयारी में मोदी सरकार, मंत्रालयों को दिया ये आदेश

नई दिल्ली: केंद्र की मोदी सरकार ने सभी मंत्रालयों और विभागों से कहा है कि वे नई संपत्तियों को चिन्हित करें, ताकि तेजी से उनका मुद्रीकरण किया जा सके और मुद्रीकरण प्रक्रिया को वापस पटरी पर लाया जा सके। सरकार का कहना है कि, मुद्रीकरण की रफ्तार मौजूदा  वित्त वर्ष के बजट लक्ष्य से बहुत कम है। 31 मार्च को ख़त्म होने वाले वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन के तहत 1.6 लाख करोड़ रुपए के राजस्व प्राप्ति लक्ष्य के मुकाबले पहले 7 महीनों में मुद्रीकरण से सरकार की आमदनी सिर्फ 33,443 करोड़ रुपए ही हो सकी है। केंद्र सरकार को अब उम्मीद है कि नई संपत्तियों की बिक्री से उसका राजस्व बजट अनुमान से अधिक 1.24 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा।

रिपोर्ट के अनुसार, रेलवे, दूरसंचार और पेट्रोलियम सहित ऐसे कई मंत्रालय हैं, जो लक्ष्य से बहुत दूर हैं। उन्हें इस दिशा में गति तेज करने के लिए कहा गया है। रेलवे को 30,000 करोड़ रुपये का लक्ष्य दिया गया है, जबकि उसका राजस्व अनुमान अभी तक 4,999 करोड़ रुपये के करीब ही पहुंच पाया है। दूरसंचार मंत्रालय को 20,180 करोड़ रुपये का टारगेट दिया गया है, जबकि सिर्फ 4700 करोड़ रूपये की ही संपत्ति की बिक्री अभी प्रक्रियाधीन है। मौजूद वित्तीय वर्ष के आखिर तक इस मंत्रालय के किसी भी संपत्ति के मुद्रीकरण की संभावना नज़र नहीं आ रही है।

इसी प्रकार पेट्रोलियम मंत्रालय को मुद्रीकरण से मौजूदा वित्त वर्ष के लिए 9,176 करोड़ रुपये का राजस्व का टारगेट दिया गया है, मगर अभी तक यह 2000 करोड़ रुपये पास ही पहुंच पाया है। ऐसे मंत्रालय जो अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच पाए हैं, उन्हें नई संपत्तियों को चिन्हित करने के लिए कहा गया है। मामले से संबंधित जानकार ने ये भी जानकारी दी है कि सरकार ने मंत्रालयों और विभागों को इस संबंध में एक दिशा-निर्देश भी भेजे जा रहे हैं। उनके अनुसार, यह कदम तब उठाया गया है, जब कई मंत्रालयों और विभागों ने पहले से चिह्नित कई संपत्तियों के मुद्रीकरण को रोक दिया है।

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