नगा उग्रवादी संगठन पर लगा 5 साल का प्रतिबन्ध

नई दिल्ली: सरकार ने आज नगा उग्रवादी संगठन एनएससीएन-के पर पांच साल का प्रतिबन्ध लगा दिया है. एनएससीएन-के पर जून में मणिपुर में थलसेना के 18 जवानों की हत्या सहित कई सिलसिलेवार हमलों में शामिल होने के आरोप शामिल है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई इस केंद्रीय कैबिनेट की एक बैठक में यह अहम फैसला किया गया की. केंद्रीय दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कैबिनेट की इस बैठक के बाद यहां संवाददाताओं से कहा कि विस्फोटों, घात लगाकर किए जाने वाले हमलों, गोलीबारी और बमबारियों के लिए जिम्मेदार एनएससीएन-के को पांच साल के लिए गैर-कानूनी संगठन घोषित कर दिया गया है.

प्रसाद ने कहा कि इस संगठन की हालिया गतिविधियों को देखकर काफी विचार-विमर्श के बाद यह फैसला लिया गया. केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि विस्तृत विचार-विमर्श के बाद और ठोस प्रमाणों के आधार पर ही यह निर्णय किया गया है. एसएस खापलांग की अगुवाई वाले एनएससीएन-के पर प्रतिबंध इस लिए लगाया गया है क्योकि मणिपुर में चार जून को घटित घटना, में थलसेना के 18 जवान शहीद हो गए थे. मामले की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने खापलांग के बारे में सूचना देने वाले को सात लाख रुपए का इनाम और उसके एक प्रमुख सहयोगी निकी सुमी के बारे में सूचना देने वाले को 10 लाख रुपए का इनाम देने की घोषणा भी की.

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