किसानों के जख्मों पर नमक छिड़क रही है केंद्र सरकार

Apr 19 2015 01:23 PM
किसानों के जख्मों पर नमक छिड़क रही है केंद्र सरकार
नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाने के लिए लोकप्रिय भूमि अधिग्रहण संशोधन बिल में परिवर्तन कर दिया है। जहां कांग्रेस द्वारा लाए जाने वाले बिल में किसानों की अधिग्रहित जमीन का 5 साल तक उपयोग नहीं होने पर उन्हें वापस लौटाने का प्रावधान था वहीं केंद्र सरकार द्वारा पेश बिल में इसकी समय सीमा पर बात नहीं की गई है। केंद्र के इस बिल से किसानों का शोषण होना तय है। केंद्र सरकार किसानों के जख्मों पर नमक छि़क कर उन्हें और परेशानी में डाल रही है। 

यह बात आज कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कही। सोनिया दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित की जा रही किसान खेत मजदूर रैली में उपस्थित किसानों को संबोधित कर रही थीं। दूसरी ओर उन्होंने कहा कि सरकार ने पूर्व की यूपीए सरकार द्वारा चलाई जा रही मनरेगा योजना को विफल करने का प्रयास किया अब सरकार भूमि अधिग्रहण के नाम पर किसानों से उनकी जमीन छिन रही है। उन्होंने कहा कि किसान की आवाज़ न तो दबी है और न ही दबेगी। कांग्रेस किसानों और मजदूरों के साथ ही हर वर्ग के साथ है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सारे दावे खोखले हैं। 

सोनिया गांधी ने अपने उद्बोधन के अंत में भूतपूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की तरह जयहिंद का नारा लगाकर सभी को प्रभावित किया। कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने अपने उद्बोधन में कहा कि जब पूर्व के अधिग्रहण बिल पर भाजपा सहमत थी तो इस बिल को बदलने की आवश्यकता क्या पड़ी। दूसरी ओर उन्होंने कहा कि किसानों के लिए भूमि अधिग्रहण बिल हितकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्रीज़ को लाभ पहुंचाने के लिए किसानों की जमीनें छीनी जा रही हैं। कांग्रेस की इस रैली में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पूर्व रक्षा मंत्री एके एंटोनी, पूर्व वितम मंत्री पी चिदंबरम, मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह, दिल्ली कांग्रेस के प्रमुख अजय माकन समेत वरिष्ठ कांग्रेसी मौजूद रहे।