केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, अब आधार नहीं होगा अनिवार्य

Dec 18 2018 09:16 AM
केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, अब आधार नहीं होगा अनिवार्य

नई दिल्ली: सरकार बैंकों और मोबाइल फोन कंपनियों को ग्राहकों के ईकेवाइसी के लिए फिर से आधार का विकल्प देने जा रही है. हालांकि अब यह अनिवार्य नहीं रहेगा. आधार कानून में संशोधन कर सरकार ग्राहकों के लिए इन सेवाओं में आधार का उपयोग वैकल्पिक कर रही है. अर्थात यदि ग्राहक चाहे तो वह बैंकों और मोबाइल सिम के लिए आधार का उपयोग कर सकता है, वरना नहीं.

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सूत्रों के अनुसार केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इलेक्ट्रॉनिक व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के इस आशय के एक प्रस्ताव पर सोमवार को मंजूरी दे दी. सरकार औपचारिक तौर पर इसका ऐलान संसद में करेगी. सरकार अब इस आशय का विधेयक संसद के मौजूदा शीतकालीन सत्र में ही प्रस्तुत कर सकती है. प्रस्ताव के अनुसार इसके लिए प्रिवेन्शन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) और टेलीग्राफ एक्ट में भी संशोधन किया जाएगा. संशोधन के बाद पीएमएलए के अंतर्गत आधार को वैध दस्तावेज की मान्यता मिल जाएगी. 

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संसद से कानून बन जाने के बाद लोगों के पास बैंक खातों और मोबाइल सिम खरीदने के लिए आधार के उपयोग का विकल्प मौजूद होगा. उल्लेखनीय है कि इसी साल 26 सितंबर को आधार की अनिवार्यता के मामले पर ऐतिहासिक निर्णय देते हुए शीर्ष अदालत ने सरकार से मिलने वाली विभिन्न सब्सिडी और छात्रवृत्तियों को छोड़कर बाकी चीजों के लिए आधार की अनिवार्यता ख़त्म कर दी थी. अपने फैसले में अदालत ने आधार अधिनियम की धारा 57 को ही ख़ारिज कर दिया था, जिसके तहत केंद्र व राज्य सरकार और कंपनियों को ईकेवाइसी के लिए आधार मांगने का अधिकार था. 

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