विदेशी बैंक खातों को बंद करने की फिराक में थे कार्ति चिदंबरम

नईदिल्ली। सीबीआई ने सर्वोच्च न्यायालय से पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम के पुत्र कार्ति चिदंबरम को लेकर कहा कि, कार्ति चिदंबरम की विदेश यात्रा पर रोक इसलिए लगा दी गई क्योंकि, वे फाॅरेन में मौजूद बैंक अकाउंट को बंद करने का प्रयास कर रहे थे। इस मामले में प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति एएम खानविलकर और न्यायमूर्ति धनन्जय वाई चंद्रचूड़ की खंडपीठ ने सुनवाई की। न्यायाधीशों की खंडपीठ ने कहा कि, कार्ति के विरूद्ध लुक आउट सर्कुलर जारी करने को उचित बताया।

कहा गया कि, विदेश यात्राओं के अंतर्गत यह बात सामने आई कि, उनके विरूद्ध भ्रष्टाचार को लेकर जो प्राथमिकी दर्ज की गई थी, उसका भ्रष्टाचार से जुड़ाव है। सीबीआई द्वारा अतिरिक्त साॅलिसीटर जनरल तुषार मेहता न्यायालय में सीलबंद लिफाफे में दस्तावेज प्रस्तुत करने का प्रयास कर रहे थे, मगर पूर्व केंद्रीय मंत्री और कार्ति चिदंबरम के वकील कपिल सिब्बल ने इस बात का विरोध किया।

हालांकि अतिरिक्त साॅलिसिटर जनरल मेहता ने न्यायालय में सील बंद लिफाफों को लेकर संक्षिप्त में जानकारी दी। मेहता का कहना था कि, कार्ति विदेश गए थे लेकिन, वे अपनी बेटी को कैंब्रिज विश्वविद्यालय में प्रवेश दिलवाने के सिलसिले में विदेश गए थे। वे अपने किसी बचाव या विदेश में मौजूद खाते के अंतरण को लेकर विदेश नहीं गए थे।

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