फर्जी मुठभेड़ मामले में 47 पुलिस कर्मियों को मिली आजीवन कारावास की सजा

नई दिल्ली: सीबीआई की विशेष अदालत ने एक साथ 47 पुलिस कर्मियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है, इन पर पीलीभीत में फर्जी सिख एनकाउंटर का आरोप है, अदालत ने सभी पर जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की रकम रैंक के मुताबिक रखी गई है।

एसएचओ रैंक के अधिकारियों को 11 लाख रुपए, दोषी इंस्पेक्टरों को 8 लाख व सिपाहियों को 2.75 लाख रुपया जुर्माना देना होगा। सुनवाई के दौरान अदालत परिसर में कुल 32 पुलिस कर्मी ही मौजूद थे। बता दें कि पीलीभीत के तीन थाना क्षेत्रों में हुए मुठभेड़ में 11 सिख तीर्थयात्रियों को उग्रवादी बताकर मार डाला था।

सीबीआई द्वारा की गई जांच में यह मुठभेड़ फर्जी पाया गया, इसके बाद इन सभी हत्या, अपहरण व साजिश रचने के तहत चार्जशीट दाखिल की गई। पिछले 25 सालों में इस केस में 10 पुलिस वालों की मौत भी हो चुकी है, शेष बचे 47 अपराधियों को कोर्ट ने सजा सुनाई है।

हांलाकि सजा के मामले में 4 अप्रैल को फैसला होगा और इसी के बाद सजा सुनाई जाएगी। 12 जुलाई 1991 को 25 सिख तीर्थ यात्री नानकमथा, पटना साहिब व अन्य तीर्य़ स्थलों का दौरा करके वापस आ रहे थे, तभी पुलिस ने सुबह 11 बजे पीलीभीत जिले के कछालाघाट पुल के पास पुलिस ने इन यात्रियों से भरी बस यूपी-26, 0245 को रोक लिया और बस में से 11 तीर्थ यात्रियों को उतार गया और एनकाउंटर बताकर मार डाला गया।

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