बेटी की शादी होने तक रोकी जा सकती थी CBI की कार्रवाई

Sep 28 2015 02:52 PM
बेटी की शादी होने तक रोकी जा सकती थी CBI की कार्रवाई

शिमला : हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के आवास पर CBI के छापे पर बोर्डों के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष ने भाजपा सांसद शांता कुमार की बेटी की शादी होने तक कार्रवाई को रोके जाने की बात को सही ठहराया. उन्होंने कहा कि CBI की कार्रवाई उन मामलों से जुड़ी है, जो न्यायालयों में विभिन्न स्तरों पर लंबित हैं. CBI ने पहले ही बंद लिफाफे में रिपोर्ट दिल्ली उच्च न्यायलय को सौंपी है.

शिमला में जारी संयुक्त बयान में कृषि विपणन बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सुभाष मंगलेट, भवन एवं अन्य निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष बावा हरदीप सिंह, राज्य वन निगम के उपाध्यक्ष केवल सिंह पठानिया, हिमुडा के उपाध्यक्ष यशवंत, पर्यटन विकास निगम के उपाध्यक्ष हरीश जनार्था ने कहा कि बेटी की शादी के कार्यक्रम तक इस कार्रवाई को रोका जा सकता था.

इनका कहना है कि मध्य प्रदेश में रहस्यमय परिस्थितियों में व्यापम घोटाले में अब तक 40 लोगों की मौत हो चुकी है वहीं ललित मोदी घोटाले में भाजपा नेता शामिल हैं, लेकिन प्रधानमंत्री इन मामलों को अनदेखा कर रहे हैं. और PM को देश के सबसे बड़े PDS घोटाला भी नहीं देखता है. इसके अलावा राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया के खिलाफ 45 करोड़ रुपये से अधिक के खनन घोटाले के मामले में अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई.